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राऊज एवेन्यु कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के परिवार को दिया पेश होने का आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद को नौकरी के बदले जमीन ‘घोटाले’ में तलब किया है. अदालत ने लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव, बेटी हेमा यादव समेत सभी आरोपियों को भी तलब है. विशेष अदालत आरोपियों के खिलाफ लैंड फॉर जॉब यानि जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए ये आदेश दिए. स्‍पेशल जज ने सभी को मामले की अगली सुनवाई पर पेश होने के निर्देश दिए हैं. सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के मार्फत भी ये सभी पेश हो सकते हैं. विशेष जज विशाल गोगने ने मंगलवार को केस की सुनवाई करते हुए लालू प्रसाद यादव सहित 78 लोगों को पेशी के लिए तलब किया. सीबीआई ने मामले में 30 सरकारी कर्मचारियों समेत 78 लोगों को नामजद किया है. अदालत ने भोला यादव, प्रेम चंद गुप्ता को भी तलब किया. कोर्ट ने कहा कि गुप्‍ता ने लालू प्रसाद यादव के सहयोगी के रूप में काम किया है. हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत सभी आरोपी अगली सुनवाई पर हाजिर होंगे.

दरअसल, इस केस में सीबीआई की ओर से तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई हैं, लेकिन सभी में एक ही मूल साजिश को उजागर किया गया है और इनमें कई सामान्य आरोपी और गवाह हैं. जांच एजेंसी का कहना था कि ऐसे में पूरे मामले की सुनवाई एक ही मुकदमे के रूप में होनी चाहिए. अदालत ने इस दलील को दर्ज करते हुए केस की सुनवाई 25 फरवरी यानि आज के लिए तय की थी. सीबीआई ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि उन्हें लोक सेवक आर. के. महाजन के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक स्वीकृति मिल गई है. इससे पहले, 16 जनवरी को अदालत ने कहा था- अगर 30 जनवरी तक महाजन के खिलाफ स्वीकृति नहीं मिलती है, तो सक्षम अधिकारी को इसका स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा.

बता दें कि यह मामला पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर जोन में 2004 से 2009 के बीच ग्रुप-डी पदों पर हुई नियुक्तियों से जुड़ा है. आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान उम्मीदवारों से उनके परिवार या सहयोगियों के नाम पर जमीन हस्तांतरित करवाई गई थी और इसके बदले में उन्हें रेलवे में नौकरियां दी गईं. सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ कसे चलाने की स्वीकृति मिल चुकी है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।