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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी पर नाराज लोगों ने सिंध में किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. सिंध की राजधानी कराची से नवाबशाह जा रहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले पर हमला हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला किया. हालांकि की सुरक्षाबलों ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया. वहीं कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह प्रदर्शनकारी कॉर्पोरेट फार्मिंग का विरोध कर रहे थे. बताया जा रहा है कि कराची से सिंध के नवाबशाह की ओर जा रहीं नेशनल असेंबली की मेंबर और पूर्व पीएम बनेजीर भुट्टों की बेटी असीफा भुट्टो जरदारी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर घेर लिया था. इस दौरान नहर परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. लाठी-डंडों से काफिले पर धावा बोल दिया. इससे हाइवे पर तनाव बढ़ गया.

कॉर्पोरेट फार्मिंग के खिलाफ विरोध

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे विवादित नहर परियोजना और कॉर्पोरेट फार्मिंग के खिलाफ विरोध कर रहे थे. उन्होंने इस परियोजना को किसानों और आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया. पुलिस के मुताबिक, इस घटना के दौरान सुरक्षा बलों और और सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए असीफा   जरदारी के वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला.

मामले को लेकर FIR दर्ज की गई

स्थानीय मीडिया के अनुसार, काफिला कुछ देर के लिए रुका. इस बीच किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ. इस मामले को लेकर FIR दर्ज की गई है. वहीं कुछ संदिग्धों को पकड़ा भी गया है. प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि जो भी सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षा के मामलों को गंभीरता से लिया जा  रहा है.आपको बता दें ​कि बेनजीर भुट्टों की हत्या 27 दिसंबर, 2007 को कर दी गई थी. वे पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम देश की पहली लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई महिला नेता थीं. बेनजीर भुट्टो की  54 साल की उम्र में शहर रावलपिंडी में हत्या कर दी गई थी.

साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।