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हमारे पास समृद्ध यूरेनियम का भंडार, जारी रहेगा परमाणु कार्यक्रम : ईरान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

तेहरान. इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों तक युद्ध चला और 12वें दिन दोनों देशों में सीजफायर हो गया। इजराइल के बाद ईरान ने युद्धविराम का ऐलान किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि सीजफायर लागू हो गया है। हालांकि, ईरान ने यह साफ कर दिया है कि खेल भी खत्म नहीं हुआ है और परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के एक सलाहकार ने कहा कि उनके देश में अभी भी समृद्ध यूरेनियम का भंडार है और खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, ईरान सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जबकि अमेरिका और इजरायल ने उसके परमाणु प्लांट्स पर हमला किया था।

परमाणु कार्यक्रमों को जारी रखेंगे : ईरान

एएफपी ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामि के हवाले से कहा कि हमने जरूरी कदम उठा रहे हैं और हमलों से हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि परमाणु कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने की योजना तैयार कर ली गई है और हमारी रणनीति यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादन और सेवाएं बाधित न हों।

US ने माना- ईरान के पास अभी भी यूरेनियम है

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने शनिवार को ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधाओं पर हमले किए थे। ट्रंप ने कहा कि हमलों ने B-2 बमवर्षकों द्वारा गिराए गए बंकर बस्टर बमों का उपयोग करके लक्षित परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। यूएस ने भी माना कि ईरान के पास अभी भी यूरेनियम है।

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साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।