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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता नई दिल्ली में पूरी हुई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता का दूसरा दौर आज नई दिल्ली में सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के साझा उद्देश्य को और बल मिला।

यह प्रगति आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता और मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन की यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिए मार्गदर्शन को और सुदृढ़ करती है। 16 मार्च, 2025 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री माननीय श्री टॉड मैक्ले के बीच हुई बैठक के दौरान एफटीए का शुभारंभ किया गया।

मई 2025 में नई दिल्ली में आयोजित पहले दौर की वार्ता के दौरान आई गति को जारी रखते हुए, दूसरे दौर की वार्ता 14 से 25 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई। इस दौर में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और व्यापार सुविधा, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, स्वच्छता और पादप स्वच्छता संबंधी उपाय, और आर्थिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण प्रगति हुई। चर्चाओं में कई विषयों पर त्वरित सहमति बनाने में आपसी रुचि पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने एक संतुलित, व्यापक और दूरदर्शी समझौते पर पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

तीसरे दौर की वार्ता सितंबर 2025 में न्यूजीलैंड में आयोजित होगी। अंतरसत्रीय वर्चुअल बैठकें दूसरे दौर की निर्धारित प्रगति के वेग को बनाए रखेंगी।

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वित्त वर्ष 2024-25 में न्यूजीलैंड के साथ भारत का द्विपक्षीय मर्चेंजाइज व्यापार 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 48.6% की बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो आर्थिक साझेदारी की बढ़ती संभावनाओं का संकेत है। इस मुक्त व्यापार समझौते से ट्रेड फ्लो में वृद्धि, निवेश संबंधों को बढ़ावा, आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन को बढ़ावा और दोनों देशों में व्यवसायों के लिए एक पूर्वानुमानित और सक्षम वातावरण स्थापित होने की उम्मीद है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।