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हमारा उद्देश्य हिंदुस्तान को एक हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है : पं. धीरेंद्र शास्त्री

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. महाकुंभ के आध्यात्मिक वातावरण और आस्था की लहरें दिन-प्रतिदिन भव्य होती जा रही हैं। इस पावन अवसर पर बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। उन्‍होंने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाई। इसके बाद संतों से मिलकर आध्यात्मिक व‍िषय पर चर्चा की। साथ ही अपने गुरु पद्मविभूषण जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लेने के ल‍िए वे उनके शिविर भी गए। वहां गुरु के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उनके साथ धार्मिक चर्चा की।

साधु-संतों के दर्शन का म‍िला सौभाग्य

इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने आया हूं। साधु-संतों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर रहा हूं। हमारा उद्देश्य हिंदुओं को जागृत करना है। हिंदुस्तान को एक हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।

महाकुंभ को लेकर कही ये बात

इसके अलावा उन्‍होंने कहा क‍ि महाकुंभ सनातन संस्कृति की आस्था, परंपरा और अध्यात्म का सबसे बड़ा संगम है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रति जागरूकता और एकता का प्रतीक भी है। आपको बता दें क‍ि परमार्थ निकेतन के शिविर में 27 से 30 जनवरी तक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्रीहनुमंत कथा भी कहेंगे। इन द‍िनों प्रयागराज में दद्दा श‍िष्‍य के श‍िवि‍र में 31 लाख श‍िवल‍िंग बनाए गए हैं। पंडि‍त शास्‍त्री यहां पर भी जाएंगे।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।