रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:51:31 PM

जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जम्मू. सीमा पर चल रहे तनाव के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल जम्मू अलर्ट हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए तैयार रहने और अपने स्टाफ को अनावश्यक छुट्टियां नहीं लेने को कहा है। जीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा जारी एक आदेश में सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि किसी भी समय अगर कोई भी स्थिति उत्पन्न होती है तो उसके लिए पूरी तरह से तैयार रहें।

कोई भी अनावशयक छुट्टी न लें और डयूटी के समय अस्पताल प्रांगण को न छोड़े ताकि मरीजों की देखभाल प्रभावित न हो। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम में कोई भी किसी भी स्थिति पर 0191-2582355 और 0191-2582356 पर संपर्क कर सकता है।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार

गौरतलब है कि जम्मू में सीमावर्ती क्षेत्रों में कभी भी हालात खराब होने पर जीएमसी जम्मू हमेशा से ही अलर्ट पर रहा है। आसपास सिर्फ जीएमसी जम्मू में ही एकमात्र अस्पताल है जहां पर घायलों को उपचार के लिए लाया जाता है। इसी को देखते हुए अभी से ही जीएमसी जम्मू किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

साभार : दैनिक जागरण

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।