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पाकिस्तान दूतावास के अधिकारी ने विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर दिखाकर किया गया बेहूदा इशारा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लंदन. पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आ जाए ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता है। पाकिस्तानी किसी भी मुल्क में हो भारत के साथ उसकी नफरत सामने आ ही जाती है। ऐसा ही कुछ ब्रिटेन की राजधानी लंदन में देखने को मिला है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त तेवर दिखाए हैं। भारत ही नहीं विदेशों में भी इस हमले के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है। ऐसे में लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारतीय छात्रों और प्रवासी भारतीयों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

पाकिस्तान की शर्मनाक करतूत

भारतीय छात्र और प्रवासी भारतीय जिस समय प्रदर्शन कर रहे थे उसी दौरान पाकिस्तान की तरफ से शर्मनाक हरकत की गई। लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से बाहर आकर पाकिस्तान के एक अधिकारी ने विंग कमांडर अभिनंदन की चाय पीते हुए तस्वीर दिखाई और गला काटने जैसा इशारा किया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जताया शोक

लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर जुटे भारतीय समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों की मौत पर शोक जताया। भारतीय झंडे, बैनर और तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

कौन हैं अभिनंदन

बता दें कि, अभिनंदन वर्धमान भारतीय वायुसेना के वो जांबाज अधिकारी हैं जिन्होंने 2019 के पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में घुसकर जवाबी कार्रवाई की थी। अभिनंदन ने पाकिस्तान का F 16 फाइटर जेट गिराया था इस दौरान उनका प्लेन भी क्रेश हो गया था। प्लेन क्रेश होने के बाद अभिनंदन को पाकिस्तान ने पकड़ लिया था। इसके बाद भारत ने सख्त तेवर दिखाए थे जिसके बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को छोड़ा था।

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भारत ने दी है सख्त चेतावनी

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा था कि भारत पहलगाम हमले में शामिल हर आतंकवादी और इसकी साजिश में शामिल रहे लोगों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें उनकी कल्पना से बड़ी सजा देगा।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।