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विजिलेंस ने पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया गया है। ये गिरफ्तारी ड्रग मनी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई है। इससे पहले विजिलेंस की टीम ने अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के चंडीगढ़ स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की।

पंजाब में 25 जगहों पर छापेमारी

इस मामले पर पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आज हमारी पुलिस और विजिलेंस ने अमृतसर में 9 जगहों पर और पंजाब में 25 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें बिक्रम सिंह मजीठिया के ठिकाने भी शामिल हैं। यह ड्रग का मामला अकाली दल और भाजपा सरकार के समय शुरू हुआ था। इनकी सरकार के समय कई ड्रग तस्कर पकड़े गए जिन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ बयान दिए, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

मजीठिया ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर कहा कि देखिए कितने अधिकारी मुझे ले जाने के लिए यहां आए हैं। मुझे नहीं पता कि मेरे घर में कुछ रखा गया था या नहीं…लेकिन बेचैनी देखिए…कुछ लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और फिर पुलिस मुझे यहां ले आई…”।

बिक्रम मजीठिया ने पंजाब सरकार पर बोला हमला

हिरासत में जाने से पहले अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर ज़बरदस्ती उनके घर पर रेड की जा रही है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में मेरे घर पर रेड की जा रही है जहां कोई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसका फ़ायदा उठाकर कुछ भी प्लांट किया जा सकता है। पंजाब सरकार बौखलाई हुई है और बौखलाहट में इस तरह के क़दम उठा रही है।

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गनीव कौर मजीठिया बोलीं- बिना वारंट दिखाए घर में घुसी जांच टीम

विक्रम मजीठिया की पत्नी और अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि 30-35 लोग हमारे घर में घुस आए। उन्होंने न तो हमें कोई वारंट दिखाया और न ही कोई अन्य दस्तावेज…वे बस हमारे घर में घुस आए और हमारे निजी सामान की जांच करने लगे। उन्होंने हमसे बात नहीं की। मैंने अधिकारियों से बात करने की कोशिश की…यह ऐसा मामला है जिसकी जांच भी नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। सरकार जो चाहे करे…जो कुछ भी हो रहा है, वह सब आपके सामने है। हमने यह लड़ाई लड़ी है और हम लड़ते रहेंगे।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।