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ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान नहीं पहुंचा है : पेंटागन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. बंकर बस्टर बम मारने के बाद एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फोर्डो, नतांज और इस्फाहन के परमाणु ठिकानों को बर्बाद करने का दावा कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट ने पूरे सिनेरियो को ही पलट दिया है. पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान नहीं पहुंचा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ईरान 2 छोटा काम कर लेता है तो वो आसानी से परमाणु बम तैयार कर लेगा. पेंटागन की इस खुफिया रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर तेल-अवीव और तेहरान तक हड़कंप मचा दिया है.

ईरान को तुरंत करने होंगे ये 2 काम

सीएनएन से बात करते हुए पेंटागन से जुड़े एक खुफिया अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के बंकर बस्टर बम गिरने के बाद भी ईरान के अधिकांश सेंट्रीफ्यूज अक्षुण्ण बने हुए हैं. खुफिया अधिकारी की मानें तो ईरान फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू कर सकता है. इस अधिकारी के मुताबिक ईरान कब तक परमाणु हथियार तैयार कर सकता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान को वहां पर सफाई और मरम्मत के कामों में कितना वक्त लगेगा. अल अरबिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि 2 महीने के भीतर ईरान फिर से अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू कर सकता है.

इधर ईरान के अराघाची का बड़ा बयान

ईरान के विदेश मंत्री अराघाची ने बड़ा बयान दिया है. अराघाची ने कहा है कि हम परमाणु कार्यक्रम जारी रखेंगे. उस पर रोक को लेकर कोई बात नहीं हुई है. अभी सिर्फ अस्थाई युद्ध विराम है. अराघाची के मुताबिक ईरान कानून के दायरे में यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है. ईरान शांति प्रिय देश है और उसके पास अपनी विरासत है. हम किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना है कि अब ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा.

ईरान के पास 400 किलो यूरेनियम

अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था के मुताबिक ईरान के पास वर्तमान में 400 किलो यूरेनियम है. ईरान ने संवर्धन के लिए इसे रख रखा है. सेंट्रीफ्यूज के जरिए ईरान यूरेनियम का संवर्धन करता है. परमाणु बनाने के लिए संवर्धन की जरूरत होती है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान पर अमेरिका ने जब बंकर बस्टर बम गिराए, उससे पहले ही ईरान ने यूरेनियम को किसी सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।