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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के खिलाफ धारवाड़ में जेन जी ने किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

बेंगलुरु. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण हैं। इस बीच कर्नाटक के धारवाड़ में युवाओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि धारवाड़ में अखिल कर्नाटक छात्र संघ के बैनर तले सिविल सेवा उम्मीदवारों ने पुलिस कांस्टेबलों सहित हजारों लंबित सरकारी पदों पर तत्काल भर्ती की मांग की। कर्नाटक कांग्रेस शासित राज्य है। अगर धारवाड़ के प्रदर्शन की पुनरावृत्ति राज्य के दूसरे शहरों में होती है तो निश्चित तौर पर सरकार के लिए चिंता बढ़ सकती है। क्योंकि कांग्रेस बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर बीजेपी पर हमलावर है। अगर कर्नाटक में नौकरी को लेकर युवा सड़क पर आते हैं तो बीजेपी को हमला बोलने का मौका मिलेगा।

प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें?

जो जानकारी सामने आई उसके अनुसार कर्नाटक के धारवाड़ में हजारों युवाओं के विरोध प्रदर्शन के जुटे थे। उनकी मांग थी कि सरकारी नौकरियों में भर्ती में देरी हो रही है। सरकार के द्वारा परीक्षाएं नहीं करवाने से दिक्कत बढ़ रही है। विभागों में पद खाली पड़े हुए हैं। युवाओं ने अखिल कर्नाटक विद्यार्थी संगठन बैनर तले हुए प्रदर्शन में सरकार ने नौकरियों निकलने और तुरंत भर्ती करने की मांग की है। राज्य में यह बड़ा प्रदर्शन ऐसे वक्त पर सामने आया है जब सिद्धारमैया सरकार राज्य में जातिगत सर्वे करवा रही है। धारवाड़ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को लोकसभा क्षेत्र है। वे 2009 से लगातार चुने जा रहे हैं। 2024 के चुनावों में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को बड़ी शिकस्त दी थी। धारवाड़ शास्त्रीय संगीत, विशेष रूप से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।