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जुबीन गर्ग के निधन मामले में संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गुवाहाटी. पॉपुलर असमिया सिंगर जुबीन गर्ग की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेखर वहीं आदमी हैं जो सिंगापुर में कंट्रोवर्सियल याच यात्रा के दौरान जुवीन के साथ मौजूद थे। इस वजह से वो मामले से जुड़े विवाद का केंद्र बन गए।

आरोपों का खुलासा अभी नहीं

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गोस्वामी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, हालांकि अधिकारियों ने उनके खिलाफ आरोपों का खुलासा नहीं किया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि उन पर औपचारिक आरोप लगाए जाएंगे या नहीं।

जल्द हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

एंटरप्रेन्योर और सांस्कृतिक कार्यकर्ता श्यामकानु महंत भी एसआईटी की निगरानी में हैं। वह इस समय हवाई अड्डे के एक लाउंज में हैं और कथित तौर पर उन्होंने सीआईडी ​​से संपर्क कर आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उनकी गिरफ्तारी जल्द ही हो सकती है।

महंत के आवास पर की गई तलाशी

इस घटना से जुड़ी कथित अनियमितताओं के लिए सिंगापुर असम एसोसिएशन के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के विस्तार के साथ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। इससे पहले दिन में एसआईटी अधिकारियों ने महंत के आवास पर तलाशी ली, लेकिन निष्कर्षों के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं दी गई।

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कब हुआ था जुबीन का निधन

जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय निधन हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी और दम घुटने की वजह से उनका निधन हुआ। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। उनकी पत्नी का इस मामले में कुछ और कहना है। पत्नी का मानना है कि उन्हें अटैक आया था। मंगलवार (23 सितंबर) को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गुवाहाटी के बाहरी इलाके में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।