लोड हो रहा है...

भारत सरकार के ट्रेजरी बिलों की नीलामी का कैलेंडर (दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए)

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भारत सरकार, एतद्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से, दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए ट्रेजरी बिल जारी करने का कैलेंडर निम्नानुसार जारी करती है :

ट्रेजरी बिलों की नीलामी के लिए अधिसूचित राशि

(अक्टूबर-दिसंबर 2025)

(करोड़ रुपये में)

नीलामी की तिथिजारी करने की तिथि91 दिन182 दिन364 दिनकुल
01 अक्टूबर, 202503 अक्टूबर, 20257,0006,0006,00019,000
08 अक्टूबर, 202509 अक्टूबर, 20257,0006,0006,00019,000
15 अक्टूबर, 202516 अक्टूबर, 20257,0006,0006,00019,000
23 अक्टूबर, 202524 अक्टूबर, 20257,0006,0006,00019,000
29 अक्टूबर, 202530 अक्टूबर, 20257,0006,0006,00019,000
6 नवंबर, 202507 नवंबर, 20257,0006,0006,00019,000
12 नवंबर, 202513 नवंबर, 20257,0006,0006,00019,000
19 नवंबर, 202520 नवंबर, 20257,0006,0006,00019,000
26 नवंबर, 202527 नवंबर, 20257,0006,0006,00019,000
03 दिसंबर, 202504 दिसंबर, 20257,0006,0006,00019,000
10 दिसंबर, 202511 दिसंबर, 20257,0006,0006,00019,000
17 दिसंबर, 202518 दिसंबर, 20257,0006,0006,00019,000
24 दिसंबर, 202526 दिसंबर, 20257,0006,0006,00019,000
 कुल91,00078,00078,0002,47,000

भारत सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक के परामर्श से, बाज़ार को उचित सूचना देने के बाद, आवश्यकताओं, उभरते बाज़ार हालात और अन्य प्रासंगिक कारकों के आधार पर, ट्रेजरी बिलों की नीलामी के लिए निर्दिष्ट राशि और समय में संशोधन करने के लिए स्वतंत्र होगी। इस प्रकार, यदि परिस्थितियां आवश्यक हों, तो कैलेंडर में परिवर्तन किया जा सकता है, जिसमें बीच में पड़ने वाले अवकाश जैसे कारण भी शामिल हैं। ऐसे परिवर्तनों, यदि कोई हों, की सूचना प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से दी जाएगी।

ट्रेजरी बिलों की नीलामी भारत सरकार द्वारा जारी सामान्य अधिसूचना संख्या एफ.4(2)-बी(डब्ल्यू एंड एम)/2018 दिनांक 26 मार्च, 2025 में निर्दिष्ट नियमों और शर्तों के अधीन होगी, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया है।

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।