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भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन मोम्बासा, केन्या में बंदरगाह पर पहुंचा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (आईटीएस) के जहाज – आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता, आईएनएस शार्दुल और आईसीजीएस सारथी, 25 सितंबर, 2025 को मोम्बासा, केन्या में बंदरगाह पर पहुंचे। स्क्वाड्रन का केन्या नौसेना, रक्षा सलाहकार और भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

ये जहाज वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती पर हैं, इससे पहले ये सेशेल्स, मॉरीशस, ला रियूनियन और मोजाम्बिक का दौरा कर चुके हैं।

इस बंदरगाह पर पहुंचने के दौरान, दोनों नौसेनाओं के कर्मी संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों, समुद्री साझेदारी अभ्यास (एमपीएक्स) और जलयात्रा अभ्यास (पासेक्स) सहित कई तरह की व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होंगे। इस यात्रा में एक संयुक्त योग सत्र, भारतीय और केन्याई नौसेना बैंड द्वारा संयुक्त प्रदर्शन और मोम्बासा में सामुदायिक आउटरीच क्रियाकलाप भी शामिल होंगे।

आईटीएस की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री साझेदारी और सहयोगात्मक प्रयासों को और मजबूत करना है और “महासागर”- सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति की भावना पर जोर देना है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।