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ओआईसी में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का प्रस्ताव गिरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने आतंकियों की मौत का बदला लेने के चक्कर में भारत से हार तो मोल ली ही लेकिन इसके साथ ही अपनी इंटरनेशनल बेइज्जती भी करवा लिया। अब भारत के इस पड़ोसी को इस्लामिक देशों के संगठन OIC से भी रिएलिटी चेक मिल गया है। ट्रंप और एर्दोगन भले ही पाकिस्तान को सपोर्ट देते दिखाई दिए हैं लेकिन 3 बड़े मुस्लिम देशों ने पाकिस्तान को आइना दिखा दिया और भारत का साथ दिया है। ये कारनामा हुआ है OIC की बैठक में, जिसे लेकर इंटरनेशनल लेवल पर खूब बातें हो रही हैं।

दरअसलस, हाल ही में जकार्ता में OIC संसदीय यूनियन की एक आयोजित की गई थी। इस इस्लामिक देशों के संगठन में खिसियाए पाकिस्तान ने भारत विरोधी प्रस्ताव रखने का काम किया। पाकिस्तान यहां पर अपने देश में फैली भुखमरी, बेरोजगारी और गरीबी को भूलकर कश्मीर मुद्दे का रोना रोने लगा। इस घिसी-पिटी बकवास को 3 मुस्लिम देश ने पूरी तरह रिजेक्ट कर दिया और भारत के खिलाफ पाकिस्तान के इस प्रस्तान को वहीं रोक दिया। पाकिस्तान की चाहत थी कि सभी मुस्लिम देश एक साथ मिलकर कश्मीर मुद्दे पर भारत को घेरें लेकिन इंडोनेशिया, मिस्र और बहरीन ने पाकिस्तान को ठोकर मार दी।

इस वाकये के बाद इंटरनेशनल लेवल पर पावरफुल लोगों को ये समझ आ गया है कि पाकिस्तान अब अपने साथी मुस्लिम मुल्कों की नजरों में भी गिर चुका है और अभी धीरे-धीरे ये देश भारत के साथ खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। ये भारत के लिए बहुत बड़ी डिप्लोमेटिक कामयाबी मानी जा रही है। बता दें कि जिन 3 मुस्लिम देशों ने भारत का पक्ष लिया है, उसमें से इंडोनेशिया पहले भी भारत के साथ दोस्ती निभाता आया है, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी बीते कुछ सालों में काफी बढ़ी है। हाल ही में खबरें आई हैं कि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने को लेकर भी इंडोनेशिया लगातार बातचीत कर रहा है।

साभार : इंडिया न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।