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महुआ से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप यादव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद और लालू परिवार से निष्कासित किए गए तेज प्रताप यादव के सियासी भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी. शनिवार को ये अटकलें हकीकत बन गई. तेज प्रताप यादव ने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. तेज प्रताप यादव ने इसके लिए एक टीम भी बनाई है. टीम तेज प्रताप के नाम से बनी यह टीम महुआ विधानसभा में उनके प्रचार-प्रसार से लेकर चुनावी रणनीति का पूरा कामकाज देखेगी. शनिवार को तेज प्रताप ने यह घोषणा की है.

तेज प्रताप ने महुआ से चुनाव लड़ने के ऐलान की बड़ी बातें जानिए

  • विधानसभा चुनाव के लिए तेज प्रताप ने टीम तेज प्रताप का गठन किया है.
  • तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.
  • टीम तेज प्रताप के बैनर से और भी लोगों को लड़ाएंगे चुनाव.
  • बिहार में कोई भी टीम तेज प्रताप से जुड़ सकता है.
  • आज फिर जयचंद पर तेज प्रताप यादव ने किया हमला.
  • तेजश्वी को सीएम बनाने पर कहा की हम किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे.
  • सीएम नीतीश कुमार को लेकर कहा की वह अब सीएम नहीं बन सकते है.
  • निशांत कुमार को लेकर कहा कि वह तो राजनीति में आ चुके है.

पहली बार पीली टोपी में नजर आए तेज प्रताप

इस ऐलान के दौरान तेजप्रताप यादव पहली बार पीली टोपी पहने नजर आए. इससे पहले वो हरी टोपी पहना करते थे. जो राजद के नेता-कार्यकर्ता एक सिंबल के रूप में यूज करते हैं. आज जब तेज प्रताप को पीली टोपी पहने देख पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि टीम तेजप्रताप यादव के झंडे में पीला और हरा दोनों रंग है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।