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श्रीलंका सुपर ओवर तक मैच ले जाने में हुआ सफल, फिर भी भारत को मिली जीत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए सुपर 4 मुकाबले में टीम इंडिया ने रोमांचक मुकाबले को जीत लिया है. भारत के 202 रन बनाने के बाद पूरे 20 ओवर खेलकर श्रीलंका ने भी पथुम निसांका के शानदार शतक के दम पर 202 रन बनाए, जिसके बाद ये मैच सुपर ओवर में चला गया और भारतीय टीम ने मैच को फतह कर लिया. श्रीलंका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया था, जवाब में  उनके इस फैसले को भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह से गलत ठहराते हुए स्कोर बोर्ड पर 202 रन लगा दिए थे.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम की तरफ से कुशाल परेरा और पथुम निसांका ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबके होश उड़ा दिए. दोनों की बेहतरीन पार्टनरशिप ने श्रीलंका के लिए मैच तो बनाया, लेकिन 19वें ओवर में अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी ने मैच में वापसी कराई और ये मैच सुपर ओवर में चला गया. सुपर ओवर में अर्शदीप की सधी हुई गेंदबाजी के सामने श्रीलंका की एक ना चली और वो महज 2 रनों पर ढेर हो गए. जिसके जवाब में कप्तान सूर्यकुमार ने पहली ही गेंद पर भारत को इस रोमांचक मुकाबले में जीत दिला दी.

भारत की तरफ से अभिषेक शर्मा ने 61, तिलक वर्मा ने 49 और सैमसन ने 39 रनों की पारी खेली. टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में पहली बार 200 का आंकड़ा पार किया है. भारत पहले ही एशिया कप के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका मुकाबला पाकिस्तान से होना है.लीग मैचों में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाली श्रीलंका की टीम का सुपर4 में कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा, जिस वजह से वो टूर्नामेंट से बाहर हो गई, लेकिन आज भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए सभी के होश उड़ा कर रख दिए.

श्रीलंका यह मैच जीतते-जीतते रह गई.  इसी के साथ सुपर 4 की समाप्ती हुई. अब भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाएगा.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।