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आईएनएस सह्याद्री फिलीपींस के मनीला बंदरगाह पर पहुंचा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित स्टील्थ फ्रिगेट – आईएनएस सह्याद्री ने फिलीपींस के मनीला बंदरगाह पर तैनाती से पहले फिलीपींस की नौसेना के साथ अभ्यास किया।

यह जहाज अभी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परिचालन तैनाती पर है तथा मित्र देशों के साथ विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में भाग ले रहा है, जिसमें मालाबार-2025, ऑसिन्डेक्स-2025, जेआईएमईएक्स-25, तथा कोरिया की नौसेना के साथ पहला द्विपक्षीय अभ्यास शामिल है।

दोनों नौसेनाओं ने सामरिक संचार अभ्यास, नेविगेशन युद्धाभ्यास, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस) अभ्यास, तथा उड़ान संचालन में भाग लिया, जिससे पेशेवर तालमेल और आपसी समझ में वृद्धि हुई।

बंदरगाह चरण में पेशेवर आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक दौरे और विषय-वस्तु विशेषज्ञों के आदान-प्रदान की एक श्रृंखला शामिल होगी। इसके अलावा, इस यात्रा के दौरान मैत्रीपूर्ण खेल, संयुक्त योग सत्र और एक अनाथालय को सहायता जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

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आईएनएस सह्याद्रि की यह यात्रा फिलीपींस के साथ संबंधों को मज़बूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और समुद्री क्षेत्र में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को उजागर करती है। यह भारत की एक्ट ईस्ट नीति और सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के दृष्टिकोण के अनुरूप, महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।