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अभिनेत्री कंगना रनौत के लिए गाना लिखेंगे गीतकार जावेद अख्तर, हो गई सुलह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. बॉलीवुड की ‘पंगा क्वीन’ यानी कंगना रनौत और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के साथ अपनी लंबी कानूनी लड़ाई को सुलझा लिया है. शुक्रवार (28 फरवरी) को कंगना ने इंस्टाग्राम पर जावेद अख्तर के साथ एक तस्वीर पोस्ट कर सबको चौंका दिया. उन्होंने यह भी बताया कि मामला सुलझ गया है और अख्तर ने उनकी अगली फिल्म के लिए गाने लिखने पर सहमति जताई है. तस्वीर के साथ कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘जावेद जी और मैंने अपने कानूनी मामले (मानहानि केस) को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझा लिया है.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मध्यस्थता में गीतकार बहुत दयालु और उदार रहे, उन्होंने मेरे अगले निर्देशन के लिए गाने लिखने पर भी सहमति जताई है.’

कोर्ट ने कंगना को दिया था ‘आखिरी मौका’

आज (28 फरवरी) को एक्ट्रेस को मुंबई की एक अदालत के बाहर देखा गया. कंगना ने इस दौरान एक साधारण गुलाबी साड़ी में देखा गया. आपको बता दें कि कुछ दिन पहले, मुंबई की एक अदालत ने कंगना को ‘आखिरी मौका’ दिया था, इससे पहले कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाए, क्योंकि उन्होंने और अख्तर के बीच लंबे समय से चल रहे मानहानि मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता बैठक को छोड़ दिया था.

क्यों कोर्ट में पेश नहीं हो पा रही थीं कंगना

हालांकि, कंगना ने कथित तौर पर बांद्रा अदालत को सूचित किया था कि वह संसद में उपस्थित थीं, जिसके कारण उनके लिए अदालत में पेश होना मुश्किल हो गया था.

कंगना रनौत और जावेद अख्तर की कानूनी लड़ाई

कंगना रनौत-जावेद अख्तर के बीच कानूनी विवाद की शुरुआत मार्च 2016 में गीतकार के घर पर हुई एक मीटिंग से हुई थी. उस समय, कंगना और बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन एक विवाद के कारण सुर्खियों में थे, जिसमें ई-मेल का आदान-प्रदान शामिल था और यह सार्वजनिक झगड़े में बदल गया था. अख्तर, जो रोशन परिवार के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने कथित तौर पर मीटिंग का आयोजन किया और कंगना से ऋतिक से माफी मांगने की बात की थी.

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद किया था केस

एक्ट्रेस ने इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन 2020 में, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद, उन्होंने एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान 2016 की बैठक का जिक्र किया. अख्तर ने उनके बयान को मानहानि मानते हुए उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई. कानूनी लड़ाई तब बढ़ गई जब कंगना ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अख्तर पर माफी मांगने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया. हालांकि, दिंडोशी सत्र न्यायालय ने अख्तर के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी है. दिसंबर 2024 में, दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के लिए सहमति व्यक्त की थी.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।