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रोहित शर्मा का रविवार को चैंपियन ट्रॉफी का मैच खेलना संदिग्ध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में पहुंची चुकी टीम इंडिया अपने आखिरी लीग मैच में बड़े बदलाव के साथ उतर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडिया के कप्तान इस मुकाबले से बाहर रह सकते हैं। रोहित शर्मा को पाकिस्तान के खिलाफ हैमस्ट्रिंग की शिकायत हुई थी। ऐसे में हो सकता है सकता है कि वह टीम इंडिया के लिए अंतिम लीग मैच में नहीं खेले। रोहित शर्मा अगर टीम इंडिया के लिए मैच में मैदान पर नहीं उतरते हैं तो फिर शुभमन गिल कप्तानी करते हुए दिखेंगे।

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा अपने शानदार लय में दिखे हैं। बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ रोहित को अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन उसे वह बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। बांग्लादेश के खिलाफ रोहित शर्मा ने शानदार 40 रन बनाए थे, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 20 रन के स्कोर पर आउट हुए थे। हालांकि, फील्डिंग के दौरान उन्हें चोट लगी जिसके कारण वह अब आखिरी लीग मैच से बाहर हो सकते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी रोहित शर्मा के लिए काफी निर्णायक है। इससे पहले उनके खराब फॉर्म को लेकर उनकी कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में इस सीरीज में उनके बल्ले से रन नहीं निकलते हैं या फिर टीम चैंपियन नहीं बनती है तो फिर तो टीम मैनेजमेंट उनके भविष्य पर फैसला लेने के लिए मजबूत होगी। ऐसा रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है।

वहीं बात करें चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा की कप्तानी की तो वह अब तक शानदार रही है। रोहित की कप्तानी में टीम पूरी तरह से एकजुट नजर आई है। दोनों मैचों में पूरी टीम एक यूनिट की तरह मैदान पर खेलती हुई दिखी है। ऐसे में रोहित की कप्तानी पर बेशक सवाल उठ रहे हो, लेकिन टीम के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।