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ममता बनर्जी को बंगाल में महिला अपराधों के कारण ऑक्सफोर्ड में करना पड़ा विरोध का सामना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में गुरुवार को भाषण के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बंगाल में हुई हिंसा, आरजी कर कॉलेज रेप-मर्डर केस और संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सवाल उठाए। ममता ने कहा- आप जानते हैं कि यह मामला अदालत में है और ये केस हमारे हाथ में नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के शांत न होने पर ममता बनर्जी ने कहा, ‘यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति का मंच नहीं है। मेरे राज्य में आओ और मेरे साथ राजनीति करो।’

प्रदर्शनकारियों के हंगामे की वजह से ममता को भाषण रोकना पड़ा। यह विरोध स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI-UK) ने किया है। छात्र संगठन ने कहा कि हम ममता बनर्जी के झूठे दावों का विरोध कर रहे थे। घटना का वीडियो भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया X पर शेयर किया। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी बंगाली हिंदू समुदाय से थे। भाजपा ने इस घटना को ‘बंगाल के लिए शर्मिंदगी’ बताया है। पार्टी का कहना है कि विदेश में रहने वाले बंगाली हिंदू भी ममता को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने बंगाल की विरासत को नष्ट कर दिया है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।