लोड हो रहा है...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ओटीटी पर अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने का दिया निर्देश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए प्रमुख OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जाने वाले या दिखाए जाने वाले अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालयय ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से Amazon Prime Video, Netflix, ULLU, ALTT जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स और Facebook, Instagram, YouTube, X (Twitter) पर शेयर किए जाने वाले अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।

प्लेटफॉर्म दिखाएं सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी

सुप्रीम कोर्ट ने इन प्लेटफॉर्म पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ओवर द टॉप (OTT) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि वो कोर्ट में उपस्थित रहे जब बेंच इन पर दिखाए जाने वाले अश्लील कंटेंट को लेकर सुनवाई चल रही हो। कोर्ट में दायर जनहित याचिका में इस तरह के अश्लील कंटेंट को बैन करने की मांग की गई है, जिसमें कोर्ट ने केंद्र सरकार से इसे लेकर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में यह भी मांग की गई थी कि नेशनल कंटेंट कंट्रोल ऑथिरिटी (NCC) इन प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किए जाने वाले कंटेंट की निगरानी करे और इनको रेगुलेट करने का काम करे ताकि OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अश्लीलता न फैलाई जा सके।

केंद्र ने सबमिट किए रेगुलेशन्स

केंद्र सरकार ने इसे लेकर पहले ही कई रेगुलेशन्स सबमिट किए हैं और भविष्य में इसे और सख्त किए जाने का आश्वासन दिया है। केंद्र की दलील को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि वह कार्यपालिका और न्यायपालिका दोनों के रास्ते से हटना चाहती है। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, जब OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट को लेकर शिकायत की गई है। केंद्र सरकार की सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्रालय OTT पर प्रसारित किए जाने वाले कंटेंट को रेगुलेट करती है। ये नियम केवल ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही लागू नहीं होते बल्कि ऑनलाइन समाचार प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य सामग्री पर भी लागू होते हैं।

साभार : इंडिया टीवी

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।