रविवार, सितंबर 20 2026 | 05:46:32 PM

उमर अब्‍दुल्‍ला ने बेटे के साथ पहलगाम में की साइकिलिंग

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. पहलगाम, जहां कुछ हफ्ते पहले एक घातक आतंकी हमला हुआ था, अब फिर उम्मीद की रफ्तार पकड़ रहा है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हमले के लगभग एक महीने बाद उसी पहलगाम की सड़कों पर अपने बेटे के साथ साइकिल चलाई. यह सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं थी, यह आतंक के डर को तोड़ने और आम लोगों व टूरिस्टों को भरोसा दिलाने का प्रतीकात्मक लेकिन शक्तिशाली संदेश था.

उमर अब्‍दुला का साइक्‍ल‍िंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इसमें उमर अब्दुल्ला आम कपड़ों में बेटे और सहयोगियों के साथ सड़क पर साइकिल चलाते नजर आते हैं. उनके पीछे कुछ सुरक्षाकर्मी और VIP गाड़ियां जरूर हैं, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज साफ कहती है क‍ि कश्मीर सिर्फ खबरों में नहीं, जमीनी सच्चाई में भी अब बदल रहा है.

सीएम और एक पिता की ओर से स्‍पष्‍ट मैसेज

यह वही सड़क है जहां हाल ही में आतंकी हमला हुआ था. लेकिन आज वहां साइकिल की घंटी है, और वो भी एक मुख्यमंत्री और पिता की, जो यह दिखा रहे हैं कि अगर वो अपने बेटे के साथ बेखौफ यहां चल सकते हैं, तो देश-विदेश से आने वाला हर पर्यटक भी यहां सुरक्षित महसूस कर सकता है.

कायराना हरकतों से हम नहीं डरते

इससे पहले उमर अब्‍दुल्‍ला ने परंपरा से हटकर पहलगाम में स्‍पेशल कैबिनेट मीटिंग की. वहां से आतंक‍ियों को साफ संदेश द‍िया. उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है कि श्रीनगर या जम्मू के बाहर कैबिनेट की मीटिंग हुई. उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा, यह एक स्पष्ट संदेश है कि हम कायराना आतंकी कृत्यों से नहीं डरते. इस मीटिंग का मकसद लोगों के साहस को सलाम करना और डर को दूर भगाना है. हम ऐलान करते हैं क‍ि शांति के दुश्मन कभी भी हमारे संकल्प को प्रभावित नहीं करेंगे. जम्मू और कश्मीर दृढ़, मजबूत और निडर है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।