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हिंदू धर्म में अगर समानता का भाव नहीं आ सकता तो यह धर्म नष्‍ट हो जाएगा : सपा सांसद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने अवैध धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि देश में जब तक समानता नहीं होगी, धर्मांतरण की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। सपा सांसद ने स्‍वामी विवेकानंद और महात्‍मा गांधी का हवाला देते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों ने कहा था कि हिंदू धर्म में अगर समानता का भाव नहीं आ सकता तो यह धर्म नष्‍ट हो जाएगा। आपको बता दें कि पिछले दिनों बलरामपुर और आगरा में धर्म परिवर्तन गिरोह पकड़ा गया है। गिरोह के सदस्‍यों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। फिरोजाबाद समेत अन्‍य जिलों में ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो हिंदू धर्म की गरीब लड़कियों को निशाना बनाते थे। उन्‍हें धन का प्रलोभन देकर इस्‍लाम कबूल करने पर मजबूर करते थे।

दलित और पिछड़ों को जब मंदिर में नहीं घुसने दिया जाएगा तब…

रामजी लाल सुमन शनिवार को फिरोजाबाद आए हुए थे। एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि जब अखिलेश यादव ने मुख्‍यमंत्री आवास छोड़ा तो नए मुख्‍यमंत्री ने उस आवास को गंगाजल से धुलवाया। यह असमानता और भेदभाव का उदाहरण है। अगर दलित और पिछड़ों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा तो धर्म परिवर्तन स्‍वाभाविक है। हिंदू धर्म के ठेकेदार धर्म परिवर्तन के लिए जिम्‍मेदार हैं।

करणी सेना संग विवाद से सुर्खियों में रहे रामजी लाल सुमन

सपा सांसद ने कहा कि किसी प्रलोभन में आकर या किसी से निकाह करने के कारण कोई धर्म परिवर्तन करता है तो यह उसका व्‍यक्तिगत कारण होगा। जब तक हिंदू धर्म में भेदभाव और असमानता नहीं खत्‍म होगी, धर्म परिवर्तन के मामले देश भर से आते रहेंगे। गौरतलब है कि रामजी लाल सुमन इससे पहले करणी सेना के नेताओं संग विवाद की वजह से सुर्खियों में आए थे। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने इनके आवास पर हमला किया था।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।