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आईएसआई ने बलूचिस्तान में जून में 84 लोगों को किया लापता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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क्वेटा. बलूचिस्तान में लोगों को जबरन लापता करने के मामले जारी हैं। बलूचिस्तान पोस्ट ने दावा किया कि बलूच और आसपास से लापता हुए कई मामलों में सैन्य खुफिया एजेंसी और आइएसआइ का हाथ सामने आ रहा है। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने रविवार को बताया कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जून में जबरन गायब किए गए 84 मामले और न्यायेतर हत्याओं के 33 मामले सामने आए।

NI ने क्या जानकारी दी

एनआई ने जानकारी दी है कि तुर्बत और नोश्की में बलूच किशोर और विश्वविद्यालय छात्र के अपहरण में सैन्य खुफिया एजेंसी और आइएसआइ शामिल हैं। कराची विश्वविद्यालय में चौथे सेमेस्टर के दर्शनशास्त्र के छात्र मुस्लिम दाद बलूच का सोमवार शाम विश्वविद्यालय के गेट के पास अपहरण कर लिया गया। वह बलूचिस्तान के अवारन का रहने वाला था। द बलूच पोस्ट ने कहा कि 23 जुलाई को 16 वर्षीय कंबर बलूच का तुर्बत के जुसाक में कथित तौर पर सैन्य खुफिया एजेंसी और आइएसआइ के लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। एक अन्य युवक इमरान खान का 27 जून को अपहरण कर लिया गया था।

किसने किया था अगवा

फ्रंटियर कोर और सैन्य खुफिया विभाग के सदस्यों ने उसे अगवा कर लिया। वहीं, बलूच नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर रविवार को 12वें दिन भी धरना जारी रहा। बलूच यकजेहती समिति ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारी बलूच लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। वे प्रदर्शनकारी महिलाओं और उनके घरों की तस्वीरें ले रहे हैं।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।