लोड हो रहा है...

ताइवान और अफगानिस्तान में महसूस किये गए भूकंप के तेज झटके

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

ताइपे. ताइवान की राजधानी ताइपे में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप से अफरा-तफरी मच गई। केंद्रीय मौसम विज्ञान प्रशासन ने भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई है। भूकंप के कारण ताइपे की इमारतें कुछ सेकंड के लिए हिल गईं। जिससे लोगों में दहशत फैल गई और सभी बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। भूकंप से अभी तक किसी भी तरह की नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

ताइवान समयानुसार 27 अगस्त को रात 9:11 बजे उत्तर-पूर्वी तट पर 6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र यिलान काउंटी के तट पर 112 किलोमीटर की गहराई में था। यिलान काउंटी के डोंगशान और ताइपे शहर के शिनयी जिले में 4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप से अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। ताइपे शहर में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.0 आंकी गई है।

5 महीनों से 6 से 7 बार आया भूकंप

इससे पहले ताइवान की राजधानी ताइपे में 9 अप्रैल और 11 जून को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हाल ही में 16 अगस्त को ताइपे में 24 घंटे के अंदर दो बार भूकंप आया था। जिसने लोगों में दिलों दहशत पैदा कर दी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले करीब 5 महीनों में 6 से 7 भूकंप झटके महसूस किए गए हैं। लोगों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि न जाने कब ये भूकंप विकराल रूप धारण कर ले पता नहीं।

अफगानिस्तान में चौथी बार आया भूकंप

अफगानिस्तान में भी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बुधवार को आए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.4 मापी गई। पिछले एक महीने में अफगानिस्तान में आया यह चौथा भूकंप है। अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहां लगातार भूकंप आते रहते हैं।

- Advertisement -

साभार : न्यूज24

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।