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भारत-सऊदी अरब संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की 7वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारत-सऊदी अरब संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की 7वीं बैठक 28 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) श्री अमिताभ प्रसाद और सऊदी पक्ष के स्टाफ मेजर जनरल साद मोहम्मद एच अलकाथिरी ने की।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई और पिछली संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की बैठक में लिए गए अधिकांश महत्वपूर्ण निर्णय क्रियान्वित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। रक्षा संबंध मज़बूत करने और सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने के लिए दोनों देशों ने प्रशिक्षण सहयोग, औद्योगिक साझेदारी, समुद्री सहयोग और सैन्य अभ्यास जैसे मुद्दों पर विमर्श किया।

दोनों पक्षों ने अपनी प्रशिक्षण क्षमताओं और आवश्यकताओं की चर्चा की। भारत ने सऊदी सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा और साइबर, सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और सामरिक संचार में सहयोग पर चर्चा की।

भारतीय पक्ष ने रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए भारत में निर्मित अत्याधुनिक उपकरण प्रदर्शित किये। बातचीत में सऊदी अरब के साथ रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण और साझेदारी पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस वर्ष नौसेना और थल सेना स्टाफ वार्ता के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और विमर्श जारी रखने की सहमति जताई।

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भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा साझेदारी लगातार प्रगाढ़ हो रही है। अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी परिषद के अंतर्गत रक्षा सहयोग पर मंत्रिस्तरीय समिति गठित किये जाने से यह परिलक्षित होती है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।