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भारत में 2027 तक शुरू हो जाएगी पहली बुलेट ट्रेन : अश्विनी वैष्णव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गांधीनगर. मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है। अगले 4 साल में यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 2027 तक सूरत से बिलिमोरा तक 50 किलोमीटर तक बुलेट ट्रेन की शुरुआत हो जाएगी। वहीं, 2029 तक मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलने लगेगी। रेल मंत्री के अनुसार, देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम जारी है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलने से दोनों शहर के बीच की दूरी सिर्फ 2 घंटे 7 मिनट में तय की जा सकेगी।

सूरत पहुंचे रेल मंत्री

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सूरत में बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया, जहां काम चल रहा है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट का ब्यौरा लिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान रेल मंत्री ने कहा- पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम अच्छा चल रहा है। सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा तक 50 किलोमीटर के इस रूट को 2027 में खोला जाएगा। हम इसकी तैयारी कर रहे हैं। ठाणे से अहमदाबाद तक यह पूरा प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा हो जाएगा।

रेल मत्री के अनुसार, “मेन लाइन पर ट्रेन की रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और लूप लाइन में स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ट्रेन का संचालन सुरक्षित तरीके से हो सके।”

पहला टर्नआउट भी हुआ स्थापित

अश्विनी वैष्णव का कहना है, “ट्रैक पर स्पेशल सेफ्टी फीचर लगाए गए हैं, जिससे यह तेज हवा, आंधी-तूफान और अचानक आए भूकंप को भी झेल सकता है। सूरत स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अभी ट्रैक जोड़ने का काम चल रहा है। आज यहां पहला टर्नआउट भी स्थापित किया गया है, जहां ट्रैक जुड़ते और अलग होते हैं।”

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।