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म्यांमार में भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1000 हुई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बैंकॉक. म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को दोपहर आया भूकंप अत्यंत विनाशकारी था। इस भूकंप में अब तक होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 1000 के पार हो गया है। इससे भूकंप की भयावहता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। भूकंप स्थल से हृदय के विचलित कर देने वाली तस्वीरें और दिल दहला देने वाले वीडियो भी लगातार सामने आ रहे हैं। इस भीषण भूकंप के कारण म्यांमार में हजारों इमारतें नष्ट हो गईं, बड़े-बड़े पुल गिर गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।

एपी की रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडलने में भारी तबाही देखी गई। यहां 1.7 मिलियन से अधिक लोगों के घर भूकंप में तबाह हो गए हैं। बता दें कि म्यांमार में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 रही थी। म्यांमार में सेना के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सरकारी टेलीविजन एमआरटीवी ने बताया कि भूकंप के कारण देश में भारी तबाही हुई है। 1700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा अबी और भी ज्यादा बढ़ सकता है।

म्यांमार के मांडले शहर में मातम

भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान म्यांमार के मांडले शहर में हुआ है। यहां भूकंप के कारण कई इलाकों में इमारतें ढह गईं और व्यापक क्षति हुई है। बता दें कि म्यांमार लंबे समय से चल रहे खूनी गृहयुद्ध की चपेट में है, और वहां पहले से ही एक बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है। भूकंप के कारण म्यांमा में राहत एवं बचाव कार्यों को चलाना भी काफी मुश्किल हो रहा है। सैन्य सरकार के प्रमुख सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने शुक्रवार को एक टेलीविजन प्रसारण में कहा था कि भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। वहीं म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड में भी भूकंप का असर दिखा और यहां कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी जबकि 22 लोग घायल हो गए।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।