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पंजाब विश्वविद्यालय में एक छात्र की हत्या

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब विश्वविद्यालय में एबीवीपी की ओर से स्किट्रोन कार्यक्रम में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की स्टार नाइट के दौरान एक छात्र को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। घायल युवक को पीजीआई में दाखिल करवाया गया था, जहां उसकी माैत हो गई। जानकारी के अनुसार, वारदात मुख्य स्टेज के पीछे ही हुई थी। म्यूजिक के शोर की वजह से पता नहीं चल पाया। हालांकि मौके पर कई स्टूडेंट्स ने शोर मचाया था लेकिन म्यूजिक की आवाज की वजह से पुलिस को भी काफी लेट पता चला। घायल छात्र की पहचान आदित्य ठाकुर के तौर पर हुई  है, जो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था। वह यूआईईटी में सेकंड ईयर का स्टूडेंट था।

एनएसयूआई ने भूख हड़ताल खोली, अधिकारियों ने मानी गलती

पंजाबी गायक गुरदास मान की स्टार नाइट रद्द होने के विरोध में स्टूडेंट काउंसिल की भूख हड़ताल चल रही थी। चौथे दिन उप प्रधान अर्चित गर्ग ने अपने साथियों के साथ अपनी हड़ताल जूस पीने के साथ खत्म की। मीटिंग के दौरान प्रधान अनुराग दलाल के सामने पीयू अधिकारियों ने माना कि उनकी ओर से गलती हुई। आगे से उन्होंने फंड को स्टूडेंट्स काउंसिल के सभी सदस्यों में समान रूप से बांटने, फंड को लेकर स्टूडेंट काउंसिल का अकाउंट खोलने और एक कमेटी गठित करने का लेटर जारी किया। ताकि फंड की पारदर्शिता रहे। उन्होंने अर्चित गर्ग को साढ़े 7 लाख रुपए देने का एलान भी किया, जोकि उनके स्टार नाइट को लेकर खर्च हुए थे। बीते कल भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई के सदस्यों ने फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, जिसको लेकर शुक्रवार को डीएसडब्ल्यू के साथ प्रधान की मीटिंग हुई। इसमें फंड के बिल पेश किए गए।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।