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कनाडा के जंगल में आग के बेकाबू होने के कारण मैनिटोबा में आपातकाल की घोषणा, सेना ने संभाली कमान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ओटावा. कनाडा के एक राज्य मैनिटोबा के जंगलों में लगी आग बेकाबू हो गई है। आग के चलते हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने हालात को देखते हुए आपातकाल लागू कर दिया है। साथ ही सेना बुलाई गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी सेना भेजने की अनुमति दे दी है। मैनिटोबा के प्रीमियर वैब किन्यू ने बताया कि राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा निकासी अभियान चलाया जा रहा है। आग के चलते 17 हजार के करीब लोगों को पलायन करना पड़ा है।

5000 लोगों को शहर छोड़ने का आदेश

किन्यू ने बताया कि सेना को मदद के लिए बुलाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैनिटोबा के फ्लिन फ्लोन शहर के जंगलों में लगी आग बेहद खतरनाक हो गई है, जिसके चलते शहर के करीब 5000 लोगों को शहर छोड़ने का निर्देश दिया गया। शहर के मेयर ने बताया कि आग इतनी तेजी से धधक रही है कि सभी लोगों को आधी रात तक शहर छोड़ने का आदेश दिया गया है। मैनिटोबा के सस्केचेवान इलाके में भी भीषण आग लगी है, जो तेजी से बढ़ रही है। आग के चलते सस्केचेवान में 1200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

मैनिटोबा में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं

मैनिटोबा के जंगलों में 22 जगह आग लगी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे कनाडा से अग्निशमन विभाग के लोग आग से लड़ने में मदद कर रहे हैं। रविवार को एक अग्निशामक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस साल अब तक, मैनिटोबा में 102 बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके बारे में अधिकारियों का कहना है कि यह औसत से काफी ज्यादा है। कनाडा में जंगल में आग लगने का मौसम मई से सितंबर तक चलता है। इससे पहले साल 2023 में सबसे भीषण आग लगी थी, जिसके चलते महीनों तक उत्तरी अमेरिका के अधिकांश हिस्से खतरनाक धुएं की चपेट में रहे थे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।