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एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। वह ट्रंप सरकार में DOGE प्रमुख का पद संभाल रहे थे। मस्क ने खुद एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी और कहा कि अमेरिकी सरकार में एक विशेष कर्मचारी के तौर पर मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है। सरकार के फिजूलखर्ची को कम करने का मौका देने के लिए मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा करता हूं। समय के साथ DOGE का मिशन और मजबूत होगा।

कारोबार पर फोकस नहीं कर पा रहे थे मस्क

आपको जानकारी के लिए बता दें कि, पिछले कुछ समय से कयास लगाए जा रहे थे कि DOGE का कामकाज देखने के कारण वह अपने कारोबार पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। मस्क ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब वन बिग ब्यूटीफुल बिल को लेकर उनके ट्रंप से नाराज बताए जा रहे थे। इस पर मस्क ने कहा था कि मुझे लगता है कि एक बिल बड़ा भी हो सकता है और बेहतरीन भी। लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह दोनों एक साथ हो सकता है।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने की पुष्टि

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व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि मस्क अमेरिकी सरकार छोड़ रहे हैं। बता दें कि मस्क ने 130 दिनों तक अमेरिकी सरकार में विशेष कर्मचारी के तौर पर काम किया था। वहीं, काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे कि एलन मस्क की टेस्ला की बिक्री लगातार कम हो रही है। टेस्ला के शेयर में लगातार हो रही भारी गिरावट से निवेशक उबर नहीं पा रहे थे। इस बीच टेस्ला के निवेशकों ने मस्क के इस्तीफे की भी मांग की थी। मस्क की कंपनी टेस्ला का अमेरिका में भारी बहिष्कार किया जा रहा है और इसका असर कंपनी की कारों की बिक्री के साथ-साथ उसके शेयरों पर भी देखने को मिला है। टेस्ला के शेयरों में गिरावट के बीच हाल ही में मस्क ने एक बयान भी दिया था। उन्होंने कहा कि वह बड़ी मुश्किल से मैनेज कर पा रहे हैं।

साभार : इंडिया न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।