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भारतीय वायु सेना ने उत्तरी पंजाब और जम्मू में बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव अभियान तेज किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अवलोकन

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 27 अगस्त, 2025 से उत्तरी भारत में बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है और गंभीर रूप से प्रभावित जम्मू तथा पंजाब जैसे क्षेत्रों में अपने अभियान को आगे बढ़ाते ध्यान केंद्रित किया है।

चल रहे हवाई अभियान

  • एमआई 17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों ने डेरा बाबा नानक, पठानकोट व अखनूर सेक्टरों में जलमग्न क्षेत्रों से भारतीय सेना तथा सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों सहित फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए 55 से अधिक उड़ानें संचालित की हैं।
  • प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की विशेष टीमों की त्वरित आवाजाही को सुगम बनाने के लिए परिवहन विमान (सी-130) तैनात किए गए हैं।
  • पिछले तीन दिनों में इन अभियानों के माध्यम से 215 व्यक्तियों को बचाया गया और प्रभावित क्षेत्रों में 7,300 किलोग्राम आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई है।

ध्यान दिए जाने वाले क्षेत्र

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  • वर्तमान समय वायुसेना का अभियान उत्तरी पंजाब में केंद्रित हैं, जहां लगातार बढ़ते जल स्तर के कारण स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है और स्थलीय संपर्क बाधित हो गया है।
  • वायु सेना के जहाजों और हेलीकाप्टरों को रणनीतिक रूप से अपना कार्यक्षेत्र बढ़ाने तथा सहायता को अधिकतम करने का कार्य सौंपा गया है।

अंतर-एजेंसी समन्वय

  • राहत मिशन भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय प्रशासन के साथ निकट समन्वय में चलाए जा रहे हैं ताकि समय पर निकासी एवं आपूर्ति का कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

भारतीय वायुसेना की प्रतिबद्धता

  • भारतीय वायुसेना संकटग्रस्त नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपने अटूट समर्पण की पुष्टि करती है और यह स्थिति के अनुसार आवश्यक संसाधन व कर्मियों को तैनात करना जारी रखेगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।