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स्कूल में हिन्दू छात्रों से जबरन लिखवाया गया ‘आई लव मोहम्मद’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आई लव मोहम्मद (I Love Muhammad) से जुड़े विवाद ने अब एक बहुत सेंसिटिव मोड़ ले लिया है. कानपुर से शुरू हुए इस विवाद के कारण पहले बरेली और मऊ में हिंसा हुई, और अब यह आग बढ़ते-बढ़ते सीतापुर के एक प्राइवेट स्कूल तक पहुंच गई है. सीतापुर के सदरपुर इलाके के एक स्कूल पर सनसनीखेज आरोप लगा है कि उसने आर्ट प्रतियोगिता (Art Competition) के नाम पर छोटे हिंदू बच्चों से जबरन ‘आई लव मोहम्मद’ लिखवाया. इस घटना से जिले में तनाव जैसी स्थिति पैदा हो गई है.

बच्चों ने पेरेंट्स को बताया, 3 पर FIR

मामला तब सामने आया जब बच्चों ने स्कूल से घर लौटकर अपने माता-पिता को इस अजीबोगरीब घटना के बारे में बताया. आरोप है कि स्कूल ने जानबूझकर यह प्रतियोगिता रखी और बच्चों को यह वाक्य लिखने के लिए बाध्य किया गया. परिजनों ने फौरन बजरंग दल (Bajrang Dal) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे हिंदूवादी संगठनों को इसकी जानकारी दी. संगठनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, परिजनों की शिकायत के आधार पर स्कूल मैनेजर समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.

क्यों शुरू हुआ ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद?

यह ताजा घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश पहले से ही इसी धार्मिक पोस्टर विवाद के चलते अशांत है. कानपुर से इस विवाद की शुरुआत हुई, जिसके बाद कई शहरों में तनाव फैल गया. बीते शुक्रवार को बरेली में जुमे की नमाज के बाद जमकर बवाल हुआ. पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 40 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए हैं. इसी तरह, मऊ में भी सैकड़ों युवाओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र नारेबाजी की थी, जिसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े थे. अब सीतापुर में निर्दोष बच्चों को इस विवाद में घसीटने का आरोप लगने से, प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।