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5 जून तक राम मंदिर का काम हो जाएगा पूरा, खुल जाएंगे परिसर के सभी मंदिर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. अयोध्या राम मंदिर में पांच जून के बाद भक्तों के लिए दूसरे मंदिर भी खुल जाएंगे। जून 2025 तक राम मंदिर के पूर्ण निर्माण की बात कही जा रही है।

अयोध्या में स्थापित होगी 108 फुट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति

 रामनगरी में जल्द ही 108फुट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति स्थापित होने जा रही है। इसके अलावा चांदी की राम दरबार की मूर्ति भी स्थापित होगी। यह मूर्ति पंचकोसी परिक्रमा मार्ग स्थित मौनी बाबा क्षेत्र में श्री रामकृष्ण कृपा धाम में लगेगी। 2700 वर्गमीटर में भव्य आश्रम व मंदिर निर्मित किया जाएगा। आश्रम का नाम श्रीराम-कृष्ण कृपा धाम होगा इसका भूमिपूजन अक्षय तृतीया पर बुधवार को होगा।

श्रीराम राष्ट्रीय सेवा ट्रस्ट की ओर से इस मंदिर का निर्माण किया जाएगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की एक बैठक श्रीरामबल्लभाकुंज में अधिकारी राजकुमार दास की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद ट्रस्ट के प्रधान अध्यक्ष बृजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भगवान शंकर की 108 फुट की मूर्ति के अलावा खाटू श्याम जी की मूर्ति स्थापित होगी। यह जयपुर में बन रही है। राधा कृष्ण, राम दरबार, रानी सती का मंदिर भी बनेगा। राम दरबार चांदी से बनेगा। इसका सिंहासन और दरवाजे चांदी के होंगे। ट्रस्ट के महामंत्री बालकृष्ण अग्रवाल ने बताया कि आश्रम में 125 कमरे होंगे।

इसके अलावा नव्य अयोध्या में 17 हजार 500 मीटर जमीन सरकार से मिली है। उसमें वृद्ध लोगों के लिए अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। आरंभ में एक मोबाइल डिस्पेंसरी चाूल होगी इसको भविष्य में विस्तार दिया जाएगा। अस्पताल में कैंसर के मरीजों और संतों के साथ गरीबों की खास तौर पर सेवा की जाएगी। बैठक में सत्यनारायण मित्तल, भगवान बंसल, एसके हवेलिया, आचार्य गणेश शर्मा, राजकुमार अग्रवाल, अरविंद मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।