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इजरायल ने भारतीय सेना पर लगे आरोप को बताया फर्जी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत में इजरायली दूतावास ने बुधवार को वायरल हो रहे दावे की हवा निकाल दी है। इलमें कहा गया था कि इजरायल ने भारतीय विदेश मंत्रालय को पत्र जारी कर जम्मू-कश्मीर में एक सैन्य अभ्यास के दौरान एक भारतीय सेना के अधिकारी पर इजरायली डिफेंस फोर्स की महिला सैनिक के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। इजरायल दूतावास की ओर से इसे ‘फर्जी खबर’ करार दिया गया है।

‘फर्जी खबरों का सहारा लेने वाले सफल नहीं होंगे’

भारत में इजरायली दूतावास ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर जोर दिया है और कहा है कि फर्जी खबरों का सहारा लेने वाले, नफरत करने वाले, नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं होंगे। जिस कथित लेटर की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है, उस पर नाओर गिलोन के हस्ताक्षर थे, जो पहले भारत में इजरायल के राजदूत के रूप में काम कर चुके हैं। दूतावास ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई आधिकारिक पत्र भारत को नहीं भेजा गया है।

“यह काम नहीं करेगा”

सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में इजरायली दूतावास ने कहा, “अविश्वसनीय! इजरायल और भारत के बीच संबंध इतने मजबूत हैं कि नफरत करने वाले इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के लिए फर्जी खबरों का सहारा लेते हैं। यह काम नहीं करेगा।”

नेतन्याहू ने की थी पीएम मोदी से बात

बता दें कि, 24 अप्रैल को, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी और जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले की निंदा की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा था कि पीएम मोदी ने सीमा पार आतंकवादी हमले की “बर्बर प्रकृति” को साझा किया और अपराधियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया।

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आतंकियों ने किया था हमला

22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी। हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं। फिलहाल, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।