लोड हो रहा है...

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का हुआ पुनर्गठन, पूर्व रॉ प्रमुख होंगे आलोक जोशी होंगे अध्यक्ष

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन किया है. इसमें पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. पूर्व पश्चिमी वायु सेना कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और रियर एडमिरल मोंटी खन्ना सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारियों को इस बोर्ड में शामिल किया है. राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त दो सदस्य हैं. बी वेंकटेश वर्मा सात सदस्यीय बोर्ड में सेवानिवृत्त आईएफएस हैं.

NSAB क्या काम करता है?

एनएसएबी एक मल्टीडिसिप्लिनरी बॉडी है, जिसमें सरकार से बाहर के प्रतिष्ठित लोग शामिल होते हैं, इसका मुख्य कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को दीर्घकालिक विश्लेषण प्रदान करना तथा उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के लिए समाधान और उससे जुड़े हुए अलग-अलग प्लान की सिफारिश करना है.

2018 के बाद किया गया है बदलाव

2018 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड में बदलाव किया गया है. बोर्ड में सैन्य, आईपीएस और आईएफएस पृष्ठभूमि से 7 सदस्यों को शामिल किया गया है. एनएसएबी सुरक्षा विश्लेषण और सिफारिशें प्रदान करता है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच, केंद्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) में बदलाव किया है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।