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पाकिस्तान की सेना ने खैबर पख्तूनख्वा में कर्फ्यू लगा गनशिप हेलीकॉप्टरों से बरसाई गोलियाँ, कई की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पेशावर. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा इलाके की बाजौर जिले के 16 इलाकों में अचानक तीन दिन का कर्फ्यू लगाकर पाकिस्तान सेना ने अलगाववादियों  के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है. इसके तहत गनशिप हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर स्थानीय लोग मारे और घायल हो रहे हैं. देर शाम तक हुई कार्रवाई में पाक सेना का दावा था कि उसने तीन आतंकवादियों को मार गिराया है.

डिप्‍टी कमिश्‍नर ने जारी किया आदेश

पाकिस्तान सेना के आदेश पर बाजौर जिले के डिप्टी कमिश्नर ने एक आदेश निकालकर 29 जुलाई 2025 की सुबह 5 बजे से लेकर 31 जुलाई की शाम 5 बजे तक 16 इलाकों में कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी. इस बाबत जारी आदेश में बाजौर के डिप्टी कमिश्नर ने कहा है कि इस अवधि के दौरान तमाम स्थानीय नागरिक ना तो अपने घरों से बाहर निकले और ना ही सड़कों पर कोई सवारी वगैरह आए क्योंकि सेना एक बड़ा अभियान चलाने जा रही है.

पुलिस में भी अलगाववादी होने का शक

इस बाबत जिन इलाकों के नाम दिए गए हैं उनमें आगरा.. लहारी.. जराय.. किटकोट.. तारखों ..कुरछाई.. इराब.. गिलाई.. नख्तर.. कलान आदि शामिल है. यह वे इलाके हैं जहां पर अलगाववादी संगठनों ने अपना पूरा कब्जा जमा लिया है और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह से पंगु कर दिया है. यहां तक की वहां की पुलिस चौकिया और राजस्व भवनों में भी अलगाववादी संगठनों का कब्जा कायम होता जा रहा है.

सेना की पूरी बटालियन ने किया हमला

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेना ने इस लड़ाई में गनशिप हेलीकॉप्टर से लेकर बड़े पैमाने पर छोटी तोप और बड़े हथियारों समेत सेना की पूरी बटालियन इस कार्रवाई में लगा दी है. आज देर शाम तक चली कार्रवाई के दौरान एक स्थानीय नागरिक इस गोलीबारी में मारा गया था. जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. साथ ही सेना के तीन जवान भी बुरी तरह से जख्मी हो गए. सेना का दावा है कि उसने इस दौरान तीन आतंकवादियों को मार गिराया है. सेवा के अभी दवा है कि लोगों के संबंध आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से है. सेना की यह कार्रवाई इन 16 इलाकों में लगातार तीन दिनों तक जारी रहेगी.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।