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बिहार में कांग्रेस – भाजपा कार्यकर्ताओं में हुई झड़प

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. राजधानी पटना में शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प ऐसी हुई कि जिसके हाथ में जो भी था उसे वो मारपीट में इस्तेमाल करता गया. दोनों ओर से कार्यकर्ता एक-दूसरे पर लाठी चलाने लगे. ईंट-पत्थर फेंकने लगे. कांग्रेस कार्यालय के सामने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान यह सब कुछ हुआ है. दरअसल बीजेपी के कार्यकर्ता पीएम मोदी को लेकर इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्द के चलते आक्रोशित थे. इसी को लेकर वे सदाकत आश्रम (कांग्रेस दफ्तर) के बाहर कांग्रेस के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे थे. बीजेपी के कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं जिस पर “मां का अपमान, कांग्रेस की पहचान”, “मां का अपमान नहीं सहेगा बिहार” जैसे नारे लिखे हुए थे.

कांग्रेस दफ्तर में घुसने लगे थे बीजेपी कार्यकर्ता

लाठीबाजी के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया. हालांकि दोनों पक्ष मानने को तैयार नहीं थे. इसमें दोनों पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को चोट लगी है. बताया जाता है कि बीजेपी के जो कार्यकर्ता थे वो कांग्रेस दफ्तर में घुसने लगे थे. इसी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से खदेड़ा गया जिसके बाद मारपीट वाली स्थिति उत्पन्न हो गई. मामले ने तूल पकड़ लिया. हंगामा बढ़ता चला गया. बता दें कि पीएम मोदी को कांग्रेस के मंच से गाली दिए जाने के बाद आज (शुक्रवार) पटना में कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक बीजेपी ने मार्च निकाला था. इसमें बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मंत्री संजय सरावगी और नितिन नवीन भी शामिल थे. दूसरी ओर खबर है कि कुछ घायलों को इलाज के लिए कुर्जी अस्पताल भेजा गया है.

इस पूरे मामले में कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है. मौके पर लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी पहुंचे जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।