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भारत सरकार भूटान तक बिछाएगी रेल लाइन, चीन पर पड़ेगा असर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच सीमा तनाव के बीच भारत ने भूटान तक दो रेल लाइनों की घोषणा की है. रेल मंत्री के मुताबिक, इन रेल परियोजनाओं से भारत और भूटान के बीच व्यापार में तेजी आएगी. साथ ही भूटान में बने माल को रेल मार्ग के जरिए बंदरगाह तक जल्द पहुंचाना भी आसान हो जाएगा. लेकिन बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. यह भारत की एक बड़ी रणनीति है, जिसके जरिए युद्ध के समय चीन की मांद में घुसकर दांत तोड़ना संभव हो पाएगा. मोदी सरकार का यह कदम न केवल भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमताओं को मज़बूत करेगा बल्कि सरहद पर चीन के फेवर में इकतरफा झुके रणनीतिक संतुलन को भी बदलकर रख देगा.

रेल मंत्री के मुताबिक, घोषित की गई दो रेल लाइनों में से पहली लाइन असम के कोकराझार से भूटान के गेवेलफुग तक जाएगी, जबकि दूसरी लाइन बोंगाईगांव से भूटान के समद्रुप जोंगखार तक पहुंचेगी. ये दोनों लाइनें भूटान के दक्षिणी हिस्सों को भारत के रेल नेटवर्क से जोड़ेंगी. यहां से चीन की सीमा अपेक्षाकृत नज़दीक है, इसलिए इस कनेक्टिविटी का रक्षा दृष्टि से बड़ा महत्व माना जा रहा है.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।