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अहिल्यानगर में ‘आई लव मोहम्मद’ की रंगोली को लेकर बवाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां भी ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर बवाल हुआ है। पुलिस के मुताबिक, “कुछ अज्ञात लोगों ने आई लव मोहम्मद की एक रंगोली तैयार की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे मोहम्मद पैगंबर का अपमान समझा और बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए।”

एक आरोपी गिरफ्तार, 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने बताया, “घटना को संज्ञान में लेते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिन लोगों ने रंगोली बनाई, उनकी पहचान की गई और 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को कुछ जगहों पर हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।” पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई जगहों पर लोगों को समझाया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने अपनी तरफ से कार्रवाई कर ली है। लेकिन उसके बावजूद भीड़ में मौजूद कुछ अराजक तत्वों ने हंगामा जारी रखा। पुलिस की मानें तो फिलहाल शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करने को कहा गया है।

हिरासत में 30 लोग

पुलिस ने अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया है और शहर में पुलिस बंदोबस्त लगाया गया है। पुलिस की मानें तो अब स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है और पुलिस की टीम अलग-अलग जगह पर तैनात कर दी गई है।

सबसे पहले क्या जानकारी मिली थी?

प्राथमिक रूप से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में आई लव मोहम्मद का नाम कुछ अज्ञात लोगों ने सड़क पर लिखा था। आरोप है कि ऐसा कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया, जिससे नाराज सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर की कोतवाली पुलिस स्टेशन के सामने आंदोलन किया। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। पुलिस ने किसी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा ना करने की अपील की है,  एक आरोपी पुलिस हिरासत में है। आगे जांच की जा रही है। बता दें कि देश में इस समय ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर्स को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है और तमाम लोग इस मुद्दे को लेकर सड़क पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।