लोड हो रहा है...

डायरेक्टर व अभिनेता महेश मांजरेकर की पहली पत्नी का देहांत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आ रही है. फिल्म डायरेक्टर-एक्टर महेश मांजरेकर की वाइफ का निधन हो गया है. उनकी पहली पत्नी दीपा मेहता अब इस दुनिया में नहीं रहीं. वे पेशे के एक फैशन डिजाइनर थीं. उनके निधन के बाद मांजरेकर परिवार में दुख की लहर है. महेश मांजरेकर के बेटे सत्या मांजरेकर ने भी इस मौके पर रिएक्ट किया है और मां के नाम एक इमोशनल नोट शेयर किया है. बॉलीवुड इंडस्ट्री से परिवार को संवेदनाएं मिल रही हैं.

महेश मांजरेकर के बेटे सत्या मांजरेकर ने इस दुखद क्षण में मां की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- आई मिस यू मम्मा. उन्होंने अपनी इंस्टा पोस्ट पर और लोगों की भी संवेदनाएं साझा की है. एक शख्स ने लिखा- मेरे जीवन से मार्गदर्शन का प्रकाश चला गया. वो मेरे लिए मां से भी बढ़कर थीं. वो मेरे लिए प्रेरणा का श्रोत थीं. साड़ी के व्यापार में उनकी क्षमता, लगन और दृणता ने कई सारी महिलाओं को इस दिशा में इंस्पायर किया. जिन पथों का उन्होंने मार्गदर्शन किया वे उस मार्ग में हमेशा अमर रहेंगी. मेरी तरफ से सत्या को ढेर सारी शुभकामनाएं. मुझे उम्मीद है कि उनकी प्रेरणा से आपको भी बल मिलेगा.

दीपा से की पहली शादी

महेश मांजरेकर और दीपा मेहता के रिश्ते की बात करें तो दोनों एक दूसरे को कॉलेज के दिनों से ही जानते थे. साल 1987 में दोनों की शादी हुई थी. इस शादी से उन्हें अश्वनि मांजरेकर नाम की एक बेटी है और सत्या मांजरेकर नाम का एक बेटा है. दोनों का ये रिश्ता 8 साल तक ही चल सका और साल 1995 में उनका तलाक हो गया. इसके बाद से दोनों बच्चे महेश मांजरेकर के साथ ही रहे.

दूसरी शादी से हुईं सई मांजरेकर

वहीं महेश मांजरेकर जीवन में आगे बढ़ गए और उन्होंने मेधा मांजरेकर से शादी कर ली. इस शादी से उन्हें सई मांजरेकर नाम की एक बेटी है जो पहले ही अपना बॉलीवुड डेब्यू कर चुकी है. उन्होंने सलमान खान की फिल्म दबंग 3 से अपना डेब्यू किया था. वहीं सत्या मांजरेकर की बात करें तो वे भी एक मंझे हुए एक्टर हैं और कुछ फिल्मों का हिस्सा रहे हैं. वे टीवी की दुनिया में भी सक्रिय हैं.

- Advertisement -

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) 

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।