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ऑपरेशन शिव शक्ति के दौरान सेना ने जम्मू-कश्मीर में 2 और आतंकवादियों को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त अभियान में पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों को मार गिराया था। अब बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ के कसलियान इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक, इस एनकाउंटर में 2 आतंकवादी मारे गए हैं। ऑपरेशन शिव शक्ति के तहत भारतीय सेना ने घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकामयाब किया और इसमें दो आतंकियों को मार गिराया। उनके पास से तीन हथियार भी बरामद किए गए हैं।

इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब मुठभेड़

अधिकारियों की ओर से बुधवार को पुंछ में जारी एनकाउंटर को लेकर जानकारी दी गई है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकवादियों का एक समूह पुंछ जिले में Loc पार से भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। भारतीय सेना के जवानों ने इन्हें रोका जिसके बाद इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब मुठभेड़ शुरू हो गई।

घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे आतंकी

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय सुरक्षाबलों के सतर्क जवानों ने मंगलवार को देर रात में देगवार सेक्टर के मालदीवलन क्षेत्र में आतंकवादियों को देखा जो घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों का अभियान अभी जारी है और मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

सेना ने क्या बताया?

भारतीय सेना के White Knight Corps ने अपने ट्वीट में कहा- “एक सफल घुसपैठ-रोधी अभियान में, भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों को मार गिराया। तुरंत कार्रवाई और सटीक गोलाबारी ने उनके नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया। तीन हथियार बरामद किए गए हैं। अपनी खुफिया इकाइयों और जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली समन्वित खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह अभियान सफल रहा। ऑपरेशन जारी है।”

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।