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पवित्र रिश्ता धारावाहिक में वर्षा का अभिनय करने वाली अभिनेत्री प्रिय मराठे का कैंसर से निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. टीवी इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. मशहूर अभिनेत्री प्रिया मराठे, जो लोकप्रिय शो पवित्र रिश्ता में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं, उनका निधन हो गया है. मात्र 38 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. प्रिया मराठे का निधन रविवार सुबह थाणे जिले के मीरा रोड स्थित उनके घर पर हुआ. उनकी कैंसक के कारण हुई अचानक मौत की खबर से टीवी जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है.

टीवी करियर की शुरुआत

प्रिया मराठे ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मराठी सीरियल “या सुखानो या” से की थी. इसके बाद उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया और धीरे-धीरे घर-घर में पहचान बनाई.

हिट शोज में यादगार किरदार

उन्होंने बालाजी टेलीफिल्म्स के शो ‘कसम से’ में विद्या बाली का किरदार निभाया. इसके बाद वे कॉमेडी सर्कस के पहले सीजन में भी नजर आईं. प्रिया को सबसे ज्यादा लोकप्रियता ZEE TV के हिट शो ‘पवित्र रिश्ता’ से मिली. उन्होंने सोनी टीवी के लोकप्रिय शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ (2012) में भी अहम किरदार निभाया था.

मराठी सीरियल में थी काफी एक्टिव

टीवी के साथ-साथ प्रिया मराठे ने मराठी सीरियल्स में भी खूब नाम कमाया. उन्होंने चार दिवस सासुचे, तू तिथे मी, ऑलमोस्ट सफल संपन्न, येऊ कशी ताशी मी नंदायला जैसे लोकप्रिय शोज में काम किया है.

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निगेटिव रोल्स से भी मिली पहचान

वहीं, प्रिया सिर्फ पॉजिटिव रोल ही नहीं, बल्कि निगेटिव किरदारों में भी दर्शकों के दिलों पर छा गईं. मराठी सीरियल तू तिथे मी और तुझेच मी गीत गात आहे में उनके निगेटिव रोल्स काफी चर्चित रहे. खासकर मोनीका का किरदार बेहद लोकप्रिय हुआ.

इंडस्ट्री और फैंस में शोक की लहर

प्रिया मराठे के अचानक निधन से टीवी और मराठी इंडस्ट्री में शोक की लहर है. फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके काम को याद कर रहे हैं.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।