लोड हो रहा है...

स्विट्जरलैंड: नए साल के जश्न में मातम, क्रांस-मोंटाना के ‘Le Constellation’ बार में विस्फोट और आग से 40 से अधिक की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

क्रांस-मोंटाना. स्विट्जरलैंड के अल्पाइन क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध लग्जरी स्की रिजॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल का जश्न उस समय त्रासदी में बदल गया, जब 1 जनवरी 2026 की तड़के एक लोकप्रिय बार में जोरदार विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 47 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है।

घटना का विवरण

स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना तड़के करीब 1:30 बजे (स्थानीय समय) ‘Le Constellation’ बार और लाउंज में हुई। उस समय बार में 100 से अधिक लोग मौजूद थे और नए साल का स्वागत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उत्सव के दौरान जलाए गए पटाखों या आतिशबाजी (Pyrotechnics) की वजह से लकड़ी की छत में आग लग गई, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे बार को अपनी चपेट में ले लिया। आग की वजह से अंदर गैस के दबाव के कारण एक जोरदार विस्फोट भी हुआ।

राहत और बचाव कार्य

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही:

  • 10 हेलीकॉप्टर और 40 एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया।

  • घायलों को सिओन, लॉज़ेन और ज्यूरिख के विशेषज्ञ बर्न यूनिट्स में ले जाया गया है।

  • स्विस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और क्रांस-मोंटाना के ऊपर ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित कर दिया है ताकि बचाव कार्यों में बाधा न आए।

जांच और हताहतों की स्थिति

वैलिस कैंटन (Valais Canton) की पुलिस ने बताया कि मरने वालों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इटली के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मरने वालों में कई इतालवी नागरिक भी हो सकते हैं। स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन (Guy Parmelin) ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अपना नववर्ष संबोधन रद्द कर दिया है।

प्रारंभिक जांच में किसी आतंकी हमले की संभावना को खारिज किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक दुखद दुर्घटना थी, जो संभवतः बार के अंदर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और आतिशबाजी के गलत इस्तेमाल के कारण हुई।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।