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बगदाद में अमेरिकी पत्रकार शैली किटल्सन का अपहरण: कतीब हिजबुल्लाह पर शक, डेल्टा फोर्स ने संभाला मोर्चा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

बुधवार, 1 अप्रैल, 2026 | बगदाद

इराक की राजधानी बगदाद में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज वारदात में मशहूर अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन (Shelly Kittleson) का अपहरण कर लिया गया। यह घटना अल-सादून स्ट्रीट पर बगदाद होटल के पास हुई। नवीनतम जानकारी के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियां इस मामले में सीधे हस्तक्षेप कर रही हैं, क्योंकि किटल्सन को पहले से ही विशिष्ट खतरों की चेतावनी दी गई थी।

घटना का आंखों देखा हाल: फिल्मी अंदाज में हुआ अपहरण

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शैली किटल्सन जब सड़क के किनारे खड़ी थीं, तभी एक कार उनके पास रुकी। सादे कपड़ों में आए चार हथियारबंद लोगों ने उन्हें जबरन खींचकर वाहन में डाल दिया।

इराकी गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों ने तुरंत पीछा किया। अल-हसवा (Babil Province) के पास अपहरणकर्ताओं की एक गाड़ी पलट गई, जिससे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, मुख्य वाहन जिसमें पत्रकार सवार थीं, वह चकमा देकर दक्षिण बगदाद की ओर भागने में सफल रहा।

प्रमुख अपडेट्स: क्या है नया?

  1. कतीब हिजबुल्लाह का हाथ होने का पुख्ता शक: अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सहायक सचिव डिलन जॉनसन ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किया गया संदिग्ध ईरान समर्थित मिलिशिया समूह ‘कतीब हिजबुल्लाह’ से जुड़ा है।

  2. पहले ही दी गई थी चेतावनी: अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि किटल्सन को अपहरण से ठीक एक दिन पहले (सोमवार रात) चेतावनी दी गई थी कि उनका नाम कतीब हिजबुल्लाह की “हिट लिस्ट” में है, लेकिन उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग जारी रखने का फैसला किया।

  3. एलीट फोर्स सक्रिय: किटल्सन की तलाश के लिए FBI, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और अमेरिकी एलीट यूनिट डेल्टा फोर्स (Delta Force) इराकी काउंटर-टेररिज्म सर्विस के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

शैली किटल्सन: युद्ध क्षेत्रों की जांबाज आवाज

शैली किटल्सन केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट के मामलों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं।

  • कार्य: वे Al-Monitor, BBC, Foreign Policy और Politico जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करती रही हैं।

  • अनुभव: ISIS के खिलाफ युद्ध और सीरियाई संघर्ष पर उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए उन्हें 2017 में Premio Caravella Award मिला था।

  • वर्तमान मिशन: वह हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का इराक पर पड़ने वाले प्रभाव को कवर करने बगदाद पहुंची थीं।

इराक में पत्रकारों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ बनता सुरक्षा घेरा

यह घटना इराक में प्रेस स्वतंत्रता की खतरनाक स्थिति को उजागर करती है। 2025-26 के प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक 155वें स्थान पर है।

पत्रकार का नामवर्षस्थिति
एलिजाबेथ त्सुरकोव2023903 दिनों की कैद के बाद 2025 में रिहा हुईं
जिल कैरोल20063 महीने बाद रिहाई
शैली किटल्सन2026वर्तमान में लापता (तलाश जारी)

अमेरिकी दूतावास की सख्त एडवाइजरी

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ‘Level 4: Do Not Travel’ की चेतावनी को फिर से दोहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किटल्सन का अपहरण क्षेत्र में बढ़ते अमेरिकी-ईरानी तनाव के बीच कूटनीतिक दबाव बनाने की एक साजिश हो सकती है।

निष्कर्ष: फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें बगदाद पर टिकी हैं। इराकी सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वे जल्द से जल्द किटल्सन को सुरक्षित बरामद करें, क्योंकि एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद अब जांच के तार सीधे प्रभावशाली मिलिशिया समूहों से जुड़ रहे हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।