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सावधान अभिभावक! घर के अंदर ही शिकार हो रही मासूमियत, हैदराबाद पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया ‘डिजिटल दरिंदे’ को

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

हैदराबाद, 1 अप्रैल 2026

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए एक 19 वर्षीय युवक को अपनी ही 5 साल की चचेरी बहन के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपित न केवल इस घिनौनी हरकत को अंजाम देता था, बल्कि उसने इसके वीडियो बनाकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी अपलोड किए थे।

कैसे हुआ इस काले कारनामे का खुलासा?

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) की ‘चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट’ (CPU) को CSEAM (Child Sexual Exploitative and Abusive Material) टिपलाइन के माध्यम से कुछ संदिग्ध वीडियो फुटेज प्राप्त हुए। जांच में पाया गया कि ये वीडियो स्थानीय स्तर पर रिकॉर्ड किए गए हैं।

TGCSB की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के बाद आरोपित की लोकेशन ट्रेस की और उसे गोलकोंडा इलाके से धर दबोचा। पकड़े जाने के बाद आरोपित, जो कि डिग्री सेकंड ईयर का छात्र है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

भरोसे का कत्ल: ‘भैया’ कहकर पुकारती थी मासूम

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित पीड़िता का करीबी रिश्तेदार है। वह अक्सर बच्ची के घर आता-जाता था। मासूम उसे ‘भैया’ कहकर बुलाती थी और इसी भरोसे के कारण परिवार वाले उसे बच्ची के साथ अकेला छोड़ देते थे या छत पर खेलने जाने देते थे। आरोपित ने कबूल किया कि वह इसी भरोसे का फायदा उठाकर बच्ची को छत पर ले जाता और वहां उसके साथ दुष्कर्म करता था।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

  • गिरफ्तारी और धाराएं: आरोपित के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और आईटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

  • डिजिटल साक्ष्य: पुलिस ने आरोपित का मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और कितने वीडियो बनाए या साझा किए थे।

  • पीड़िता की मदद: TGCSB के अधिकारियों के अनुसार, बच्ची को रेस्क्यू कर लिया गया है और उसे आवश्यक चिकित्सा व मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है। उसके माता-पिता की भी काउंसलिंग की जा रही है।

अभिभावकों के लिए विशेष सलाह (Expert Advice)

TGCSB की डायरेक्टर शिखा गोयल ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं:

  1. रिश्तेदारों पर भी रखें नजर: अधिकांश मामलों में अपराधी परिवार का कोई परिचित या करीबी ही होता है। बच्चों को किसी के भी साथ, चाहे वह कितना भी करीबी क्यों न हो, लंबे समय तक अकेला न छोड़ें।

  2. डिजिटल निगरानी: यदि आपके घर में कोई किशोर या युवा सदस्य है, तो उनके इंटरनेट उपयोग और व्यवहार पर सूक्ष्म नजर रखें।

  3. बच्चों से बात करें: बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में शिक्षित करें। उन्हें समझाएं कि यदि कोई भी उन्हें असहज महसूस कराए, तो वे तुरंत माता-पिता को बताएं।

  4. रिपोर्ट करें: यदि आपको ऑनलाइन किसी भी प्रकार की संदिग्ध बाल शोषण सामग्री (CSEAM) दिखती है, तो तुरंत 1930 डायल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

यह रिपोर्ट समाज में बढ़ती डिजिटल विकृति और बच्चों की सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। सजग रहें, सुरक्षित रहें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।