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संयुक्त अरब अमीरात का पाकिस्तान पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: एतिहाद एयरवेज से 15 कर्मचारी बर्खास्त, रिश्तों में आई बड़ी दरार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

दुबई । शुक्रवार, 1 मई 2026

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख विमानन सेवा एतिहाद एयरवेज (Etihad Airways) ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अपने 15 पाकिस्तानी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है। यह कार्रवाई साधारण कॉर्पोरेट छंटनी से कहीं अधिक गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इसमें मानवीय संसाधन (HR) के बजाय इमिग्रेशन विभाग को शामिल किया गया है।

निकाले गए कर्मचारियों में वे लोग भी शामिल हैं जो पिछले 18-20 वर्षों से एयरलाइन की सेवा कर रहे थे। उन्हें एक इमिग्रेशन ऑफिस में बुलाया गया और बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के 48 घंटे के भीतर यूएई छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया गया।

पाकिस्तान और यूएई के बीच कड़वाहट के 3 मुख्य कारण

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंधों में यह गिरावट अचानक नहीं आई है। इसके पीछे तीन बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण हैं:

  1. कर्ज की वापसी का दबाव: यूएई ने हाल ही में पाकिस्तान से अपना 3.45 अरब डॉलर का कर्ज तुरंत वापस करने की मांग की थी। हालांकि सऊदी अरब की मदद से पाकिस्तान ने 23 अप्रैल 2026 तक यह भुगतान पूरा कर दिया है, लेकिन यूएई का ‘रोलओवर’ (कर्ज विस्तार) देने से मना करना रिश्तों में ठंडक का स्पष्ट संकेत था।

  2. रणनीतिक गुटबाजी: पाकिस्तान वर्तमान में तुर्की और सऊदी अरब के करीब आ रहा है, जबकि यूएई का झुकाव तेजी से इजरायल और पश्चिमी देशों की रणनीतियों की ओर बढ़ा है।

  3. यूएई का ओपेक (OPEC) से ऐतिहासिक निकास: 1 मई, 2026 यानी आज से यूएई आधिकारिक तौर पर पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से बाहर हो गया है। यह फैसला सऊदी अरब के प्रभुत्व को चुनौती देने और अपनी स्वतंत्र आर्थिक राह चुनने के रूप में देखा जा रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर एक और झटका: ‘एतिसलात’ की विदाई?

खबरों के अनुसार, यूएई की टेलीकॉम दिग्गज कंपनी एतिसलात (Etisalat) भी पाकिस्तान के दूरसंचार क्षेत्र (PTCL) से अपने शेयर बेचकर बाहर निकलने पर विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा आर्थिक संकट बन सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य 

  • असामान्य प्रक्रिया: आमतौर पर छंटनी के बाद कर्मचारियों को अपना सामान समेटने और कानूनी औपचारिकताओं के लिए 30 से 90 दिन का समय मिलता है, लेकिन यहाँ केवल 48 घंटे दिए गए।

  • निशाने पर कौन? रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई चुनिंदा तौर पर की गई है, जिससे पाकिस्तान के नीति विश्लेषकों में चिंता है कि क्या आने वाले समय में और अधिक प्रवासियों को निकाला जा सकता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।