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नूंह के खरकड़ी गांव में वांछित आरोपी को पकड़ने गई सोहना सीआईए टीम पर हमला, पथराव के बाद तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
6 Min Read

नूंह । बुधवार, 1 जुलाई 2026

हरियाणा के मेवात (नूंह) जिले के तावडू उपमंडल के अंतर्गत आने वाले खरकड़ी गांव में मंगलवार को उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब एक मोस्ट वांटेड अपराधी को दबोचने पहुंची सोहना सीआईए (CIA) पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच हिंसक टकराव हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी पुलिस कस्टडी से भागने में सफल रहा, जो फिलहाल घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के अनुसार, सोहना सीआईए की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कई आपराधिक मामलों में वांछित (Wanted) चल रहा खरकड़ी गांव निवासी जुनैद उर्फ जुन्ना इस समय अपने घर पर मौजूद है। सूचना के आधार पर सीआईए की टीम ने मंगलवार को तड़के खरकड़ी गांव में जुनैद के घर की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस को देखते ही आरोपी जुनैद ने छत के रास्ते भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पूरा घटनाक्रम हिंसक झड़प में बदल गया।

ग्रामीणों का आरोप: पुलिस ने की फायरिंग

घटना के बाद आरोपी के परिजनों और ग्रामीणों ने सोहना पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जुनैद की पत्नी और स्थानीय निवासियों का दावा है कि पुलिस टीम ने आते ही उनके घर को घेरकर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक, पुलिस की गोली लगने से जुनैद घायल हो गया और अनियंत्रित होकर मकान की छत से नीचे गिर गया। नीचे गिरते समय वह पास से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आ गया, जिससे करंट लगने के कारण उसकी हालत और अधिक गंभीर हो गई।

पुलिस का पक्ष: टीम पर पथराव कर आरोपी को छुड़ाया गया

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए फायरिंग के आरोपों को शुरुआती जांच में खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब सीआईए टीम ने आरोपी जुनैद को काबू में कर लिया, तो गांव में अचानक यह अफवाह फैला दी गई कि पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में जुनैद मारा गया है।

इस अफवाह के बाद देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ इकट्ठा हो गई और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस भारी पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। इसी हंगामे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी के परिजन और कुछ ग्रामीण घायल जुनैद को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाकर अपने साथ मौके से लेकर फरार हो गए।

मौके पर पहुंचे डीएसपी; भारी पुलिस बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही तावडू के डीएसपी (DSP) अभिमन्यु लोहान के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तावडू सदर थाना, तावडू शहर थाना और तावडू सीआईए की संयुक्त टीमों ने खरकड़ी गांव पहुंचकर मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी जुनैद के घर की दोबारा सघन तलाशी ली। इस दौरान पुलिस ने सच्चाई का पता लगाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की डीवीआर (DVR) और कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।

पुलिस का आधिकारिक बयान और आगे की जांच

तावडू डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने मीडिया को बताया:

“जुनैद उर्फ जुन्ना एक आदतन और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सोहना सीआईए की टीम कानूनन उसे गिरफ्तार करने आई थी। पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जहां तक ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर फायरिंग करने और गोली लगने के आरोपों का सवाल है, उसकी हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है।”

फिलहाल, घायल आरोपी जुनैद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। खरकड़ी गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात है।

फैक्ट-चेक 

  1. फायरिंग की पुष्टि: शुरुआती रिपोर्टों में केवल ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर इसे ‘पुलिस एनकाउंटर’ का रूप देने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन जब तक मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस की बैलिस्टिक जांच सामने नहीं आती, इसे हमेशा “ग्रामीणों का आरोप” और “पुलिस द्वारा जांच का विषय” के रूप में ही लिखा जाना चाहिए, जैसा इस लेख में संतुलित किया गया है।

  2. करंट या गोली: आरोपी की स्थिति गंभीर होने का मुख्य कारण ऊंचाई से गिरना और बिजली के तार से करंट लगना भी है, जिसकी निष्पक्ष जांच सीसीटीवी डीवीआर की मदद से की जा रही है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।