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Share Market Today: कच्चे तेल की तेजी और वैश्विक चिंताओं से बाजार में दबाव, IT-FMCG ने बचाई निफ्टी की लाज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
मुंबई । मंगलवार, 1 सितंबर 2026
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को सुस्त और सपाट कारोबार देखने को मिला। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बाजार दबाव में रहा, हालांकि निचले स्तरों से IT और FMCG सेक्टरों में हुई खरीदारी ने बड़ी गिरावट को रोक लिया।
कारोबार के अंत में BSE Sensex 12.99 अंक (-0.02%) की मामूली गिरावट के साथ 76,944.28 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 24.60 अंक (-0.10%) फिसलकर 24,055.80 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे दिन के दौरान निफ्टी ने 23,952.55 का निचला और 24,143.15 का ऊपरी स्तर छुआ।

बाज़ार के मुख्य आँकड़े: एक नजर में

सूचकांक / कमोडिटीक्लोजिंग लेवलबदलाव (अंक / %)कारोबार का दायरा
BSE Sensex76,944.28-12.99 (-0.02%)76,800 – 77,200
NSE Nifty 5024,055.80-24.60 (-0.10%)23,952.55 – 24,143.15
Brent Crude Oil$91.21 / बैरल+1.20% (बढ़त)वैश्विक तनाव से चढ़ा

सेक्टरवार प्रदर्शन: किसने डुबोया, किसने संभाला?

आज के कारोबार में बाजार में मिला-जुला असर देखने को मिला।

1. सहारा देने वाले सेक्टर (Gainers)

  • IT और FMCG: आईटी और एफएमसीजी शेयरों में रक्षात्मक (defensive) खरीदारी देखने को मिली। ITC, HCLTech, Infosys और Reliance Industries के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई, जिसने इंडेक्स को सपोर्ट दिया।

2. दबाव वाले सेक्टर (Losers)

  • Banking, Auto, Pharma & Realty: बैंकिंग और ऑटो स्टॉक्स में भारी बिकवाली रही। Maruti Suzuki, Bajaj Finserv, Mahindra & Mahindra (M&M) और State Bank of India (SBI) मुख्य रूप से दबाव में रहे।

बाजार में दबाव के मुख्य 3 कारण

  1. कच्चे तेल (Brent Crude) में उछाल: मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $91.21 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड में तेजी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।
  2. वैश्विक ब्याज दरों की चिंता: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की आशंका ने विदेशी निवेशकों (FIIs) के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।
  3. घरेलू GDP आंकड़ों का सीमित असर: भारत की हालिया आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth) 7.8% दर्ज की गई, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के कारण इस सकारात्मक खबर का असर बाजार पर हावी नहीं हो सका।

बाजार का तकनीकी नजरिया (Market Outlook)

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि Nifty 50 के लिए 24,000 का स्तर एक बेहद अहम सपोर्ट साइकोलॉजिकल बेस बना हुआ है। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिका है, तब तक बड़े ब्रेकडाउन की संभावना कम है। हालांकि, ऊपर की तरफ 24,200 – 24,250 पर मजबूत रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. 1 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए?
सेंसेक्स 12.99 अंक की गिरावट के साथ 76,944.28 पर और निफ्टी 50 24.60 अंक फिसलकर 24,055.80 के स्तर पर बंद हुआ।
Q2. आज बाजार गिरने का मुख्य कारण क्या था?
कच्चे तेल (Brent Crude) की बढ़ती कीमतें ($91.21/बैरल), मध्य-पूर्व तनाव और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता मुख्य कारण रहे।
Q3. आज किन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही?
ITC, HCLTech, Infosys और Reliance Industries में खरीदारी दर्ज की गई।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कमोडिटीज में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Investment Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।