मुंबई।
- SBI ATM निकासी नियमों में संशोधन
- सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य
- bulk FD (बल्क डिपॉजिट) पर ब्याज दर पारदर्शिता
- NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में नया ऑनबोर्डिंग शुल्क
- NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया हुई आसान
- UPI पर P2M मर्चेंट चार्जेस (15 अक्टूबर से प्रभावी)
- RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक
हर महीने की शुरुआत की तरह, 1 अक्टूबर 2026 से भी भारतीय बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, टैक्स और सरकारी सब्सिडी योजनाओं में कई बड़े नीतिगत बदलाव लागू हो चुके हैं। ये बदलाव सीधे आपकी जेब, बचत और दैनिक लेनदेन को प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं इन सभी 7 महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से:
SBI ATM निकासी नियमों में संशोधन
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने Salary Package Account ग्राहकों के लिए फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सीमा में कटौती की है।
- मुफ्त सीमा में कमी: दूसरे बैंकों के एटीएम और ADWM (Automated Deposit cum Withdrawal Machine) से मुफ्त लेनदेन की सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया गया है। इसमें वित्तीय (कैश निकालना) और गैर-वित्तीय (बैलेंस चेक, पिन बदलना) दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं।
- BSBD खाताधारक: बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी शून्य शेष खातों के लिए महीने में 4 नकद निकासी मुफ्त रहेंगी। इसके बाद निर्धारित अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के लिए आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य
अगर आप सरकारी सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) रिफिल का लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है:
- बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन mandatory: सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को Aadhaar Biometric Authentication पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- कैसे कराएं प्रमाणीकरण? आप डिलीवरी के समय डिलीवरी एजेंट के जरिए, अपने एलपीजी वितरक (Distributor) के कार्यालय जाकर या संबंधित तेल कंपनी (जैसे Indane, HP, Bharat Gas) के मोबाइल ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- ध्यान दें: जिन ग्राहकों ने यह ऑथेंटिकेशन पहले ही पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसका मकसद गैस की सप्लाई रोकना नहीं, बल्कि पारदर्शी तरीके से सब्सिडी देना है।
bulk FD (बल्क डिपॉजिट) पर ब्याज दर पारदर्शिता
₹3 करोड़ या उससे अधिक राशि की फिक्स्ड डिपॉजिट (Bulk FDs) के लिए ब्याज दर प्रकटीकरण (Disclosure Rules) के नियमों में बदलाव किया गया है:
- बैंकों को अब बड़े जमा पर लागू ब्याज दरों की जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक करनी होगी।
- खुदरा निवेशकों पर असर: इसका मुख्य उद्देश्य बड़े निवेशकों और कॉरपोरेट्स को पारदर्शिता देना है। आम रिटेल एफडी (Retail FD) निवेशकों की ब्याज दरों पर इसका कोई खुद-ब-खुद विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में नया ऑनबोर्डिंग शुल्क
1 अक्टूबर से पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS नियमों में बदलाव किया है:
- Point of Presence (PoP) के माध्यम से NPS या NPS Lite में नया खाता (PRAN) खोलने पर ₹200 का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क लागू कर दिया गया है।
- यदि आप नया पेंशन खाता खोलने की योजना बना रहे हैं, तो इस शुरुआती अतिरिक्त लागत को ध्यान में रखें।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया हुई आसान
यदि आप किसी अनिवासी भारतीय (NRI) से अचल संपत्ति (Real Estate) खरीद रहे हैं, तो आपके लिए आयकर नियमों को सरल बनाया गया है:
- TAN की बाध्यता खत्म: निर्धारित परिस्थितियों में अब खरीदार को अलग से टैन (TAN – Tax Deduction and Collection Account Number) लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
- PAN से काम: खरीदार अब अपने पैन (PAN) के माध्यम से ही टीडीएस प्रक्रिया और अनुपालन पूरा कर सकेंगे। हालांकि, लागू दर पर टीडीएस काटने और उसकी रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी खरीदार पर बनी रहेगी।
UPI पर P2M मर्चेंट चार्जेस (15 अक्टूबर से प्रभावी)
डिजिटल पेमेंट सेवा UPI से जुड़ा एक बड़ा बदलाव 1 अक्टूबर के बजाय 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा:
- MDR व्यवस्था: निर्धारित शर्तों के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा।
- ग्राहकों के लिए राहत: यह शुल्क व्यापारियों (Merchants) पर लागू होगा, ग्राहकों से सीधे कोई UPI शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- P2P और Zero-MDR पूरी तरह मुफ्त: आम व्यक्ति-से-व्यक्ति (Person-to-Person) ट्रांजैक्शन और ज़ीरो-एमडीआर श्रेणी के भुगतानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की द्विमासिक बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित होगी:
- 7 अक्टूबर को निर्णय: 7 अक्टूबर को आरबीआई गवर्नर रेपो रेट (Repo Rate) और मौद्रिक नीति से जुड़े बड़े फैसलों की घोषणा करेंगे।
- लोन और ईएमआई पर असर: इस बैठक के फैसले से भविष्य में होम लोन, कार लोन की ईएमआई (EMI) और बैंकों की जमा ब्याज दरों (FD Rates) की दिशा तय होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या 1 अक्टूबर 2026 से UPI भुगतान करने पर आम ग्राहकों को शुल्क देना होगा?
उत्तर: नहीं, आम ग्राहकों के लिए पर्सन-टू-पर्सन (P2P) UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा। 15 अक्टूबर से केवल ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट (P2M) भुगतानों पर MDR लागू होगा, जिसका भुगतान व्यापारियों द्वारा किया जाता है।
Q2: यदि LPG के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न हो तो क्या गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा?
उत्तर: सरकार के अनुसार गैस की उपलब्धता पूरी तरह बंद नहीं होगी, लेकिन सब्सिडी का लाभ बिना रुकावट जारी रखने के लिए निर्धारित बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है।
Q3: SBI के दूसरे बैंकों के ATM से महीने में कितने मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे?
उत्तर: कुछ सैलरी पैकेज अकाउंट ग्राहकों के लिए अब दूसरे बैंक के एटीएम से प्रति माह केवल 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन (वित्तीय व गैर-वित्तीय) मिलेंगे।
संबंधित लिंक्स (Related Links)
ताज़ा अपडेट्स और विस्तृत समाचारों के लिए मातृभूमि समाचार पोर्टल पर जाएं:
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल पाठकों की जानकारी और जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। वित्तीय निर्णय लेने या किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक, आधिकारिक सरकारी पोर्टल या वित्तीय सलाहकार से नियमों की पुष्टि अवश्य करें।

